मोहाली। घर-परिवार, बच्चों की जिम्मेदारियों और सामाजिक बंदिशों के बीच अक्सर महिलाओं के सपने कहीं पीछे छूट जाते हैं। लेकिन मोहाली की कुछ महिलाओं ने इस सोच को बदल दिया है। 40 की उम्र पार करने के बाद इन महिलाओं ने बाइक राइडिंग को न केवल अपना जुनून बनाया बल्कि अपनी नई पहचान भी गढ़ी। किसी ने जीवन के मुश्किल दौर से बाहर निकलने के लिए बाइकिंग का सहारा लिया तो किसी ने बचपन के अधूरे सपने को साकार किया। आज ये महिलाएं पंजाब की सड़कों से निकलकर लद्दाख, राजस्थान और देश के कई हिस्सों तक लंबी बाइक यात्राएं कर रही हैं। उनका सफर यह साबित करता है कि सपनों को पूरा करने के लिए न उम्र मायने रखती है और न ही समाज की तय सीमाएं।
बाइकिंग मेरे लिए मेडिटेशन की तरह : बावरा शेरगिल
सेक्टर-71 निवासी बावरा शेरगिल कहती हैं कि बाइकिंग उनके लिए केवल शौक नहीं बल्कि खुद से जुड़ने का जरिया है। वह हार्ले-डेविडसन फैट बॉय 1690 सीसी चलाती हैं। उनके अनुसार हर राइड उन्हें मानसिक शांति और नई ऊर्जा देती है। बावरा कहती हैं कि बाइकिंग ने उन्हें अनुशासन, धैर्य और आत्मविश्वास सिखाया है। परिवार और पेशेवर जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाकर वह अपने इस जुनून को जी रही हैं। उनके बेटे कबीर और बेटी साहिबा समेत पूरे परिवार का सहयोग उन्हें हमेशा आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।
एक लाख किलोमीटर का सफर तय कर चुकी हैं हेतू शर्मा
सेक्टर-78 निवासी हेतू शर्मा एक सिंगल वर्किंग वुमन हैं। वह अपने परिवार की पहली बेटी हैं जिन्होंने बाइकिंग को जुनून के रूप में अपनाया। उनके पास हार्ले-डेविडसन स्ट्रीट 750, बीएमडब्ल्यू 310 आर और बीएमडब्ल्यू 1250 जीएस जैसी बाइक्स हैं। अब तक वह करीब एक लाख किलोमीटर की राइड पूरी कर चुकी हैं। हेतू चार बार लेह की यात्रा कर चुकी हैं और उमलिंग ला, राजस्थान, गुजरात, रामेश्वरम, पुदुचेरी और कन्याकुमारी तक बाइक से सफर कर चुकी हैं।
रॉयल एनफील्ड पर पूरा कर रहीं अपने सपने
फेज-5 निवासी मानसी बताती हैं कि परिवार और बच्चों की जिम्मेदारियों के बीच उन्होंने अपने लिए समय निकालकर बाइकिंग शुरू की। वह अपनी रॉयल एनफील्ड के साथ कई लंबी राइड्स कर चुकी हैं। सोशल मीडिया पर महिला राइडर्स को देखकर उनमें भी बाइकिंग का जुनून पैदा हुआ। महिला राइडिंग ग्रुप से जुड़ने के बाद उन्होंने डलहौजी सहित कई पहाड़ी क्षेत्रों की यात्राएं कीं। मानसी कहती हैं कि बाइकिंग ने उन्हें आत्मविश्वास दिया है और परिवार के सहयोग ने उनके सपनों को नई उड़ान दी है।