15 अक्तूबर को होगी अगली सुनवाई, आरोपी गुरचरण सिंह उर्फ चन्ना की मेडिकल रिपोर्ट दोबारा तलब
संवाद न्यूज एजेंसी
मोहाली। एनआईए की विशेष अदालत में हत्या, सबूत मिटाने, हथियारों और गैरकानूनी गतिविधियों से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान गवाहों के पेश नहीं होने पर अदालत ने सख्ती दिखाई। विशेष न्यायाधीश की अदालत ने वोडाफोन-आइडिया के नोडल अधिकारी, डॉ. अश्विनी और गवाह मनजोबन के खिलाफ दो-दो हजार रुपये के जमानती वारंट जारी कर उन्हें दोबारा तलब किया। मामले में अगली सुनवाई 15 अक्तूबर को अभियोजन पक्ष के साक्ष्य दर्ज करने के लिए होगी। सुनवाई के दौरान वरिष्ठ कांस्टेबल संदीप कुमार की मुख्य परीक्षा और जिरह पूरी हो गई। कांस्टेबल अजय सिंह अदालत में पेश हुए, लेकिन अन्य मामलों में साक्ष्य दर्ज होने के कारण उनकी जिरह नहीं हो सकी। अदालत ने उन्हें अगली सुनवाई पर उपस्थित रहने के निर्देश दिए। एनआईए के चंडीगढ़ कार्यालय में तैनात एसआई नरिंदरपाल सिंह और मोहिंदर पाल सिंह को भी अगली तारीख पर पेश होने के लिए कहा गया। वोडाफोन-आइडिया के नोडल अधिकारी को मोबाइल फोन के माध्यम से समन की तामील होने के बावजूद पेश नहीं होने पर दोबारा जमानती वारंट जारी किए गए। डॉ. अश्विनी और गवाह मनजोबन को भी दो-दो हजार रुपये के जमानती वारंट के जरिए तलब किया गया। वहीं, गवाह राजेश कुमार और हीरा सिंह के समन की तामील रिपोर्ट नहीं मिलने पर अदालत ने दोबारा समन जारी करने के निर्देश दिए।
आरोपी की मेडिकल रिपोर्ट दोबारा तलब
आरोपी गुरचरण सिंह उर्फ चन्ना की स्वास्थ्य स्थिति के संबंध में केंद्रीय जेल कपूरथला के अधीक्षक से रिपोर्ट नहीं मिलने पर अदालत ने दोबारा रिपोर्ट तलब की। यह मामला एनआईए ने वर्ष 2021 में दर्ज किया था। आरोपियों के खिलाफ आपराधिक साजिश, सबूत मिटाने, अपराधी को शरण देने, हत्या, आर्म्स एक्ट और यूएपीए के तहत आरोप हैं। मामले की अगली सुनवाई 15 अक्तूबर को होगी।