धान के खेतों में था छिपा था, वन्यजीव विभाग ने ट्रैक्विलाइजर गन से किया बेहोश
छतबीड़ जू में चल रहा इलाज, करीब छह वर्ष का है
कई दिन से मोहाली और आसपास के इलाकों में दिखाई दे रहे थे पंजे के निशान
संवाद न्यूज एजेंसी
मोहाली। कई दिनों से मोहाली व उसके आसपास दिखाई दिए तेंदुए को वन्यजीव विभाग की टीम ने पकड़ लिया है। यह तेंदुआ पिछले कुछ दिनों से मोहाली, मोरिंडा और चमकौर साहिब के लगभग छह से सात गांवों में लोगों को दिख चुका था। रोपड़ रेंज के जिला वन अधिकारी कुलराज सिंह ने बताया कि तेंदुए को शनिवार रात को गांव अमराली से पकड़ लिया गया। तेंदुए की उम्र करीब 6 साल है। उसे वन्यजीव विभाग की टीम ने ट्रैक्विलाइजर गन से बेहोश कर पकड़ लिया। जिसे अब छतबीड़ जू में डॉक्टरों की ऑब्जर्वेशन में रखा गया है। डॉक्टरों की मंजूरी के बाद उसे उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ने की योजना है। डीएफओ ने बताया कि यह तेंदुआ रोपड़-चमकौर साहिब-बलाचौर वन्य अभ्यारण्य के जंगलों से भटक कर गांवों तक पहुंच गया था।
वन विभाग के अधिकारी कुलराज सिंह ने बताया कि यह वहीं तेंदुआ है, जो काफी समय से पटियाला, चमकौर साहिब की सड़कों पर देखा जा चुका है। इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। उनकी टीमें इस तेंदुए की तलाश में जुटी थीं। शनिवार सुबह उन्हें सूचना मिली थी कि गांव हवारा के साथ पड़ते अमराली में तेंदुए के पैरों के निशान देखे गए हैं, जिसके बाद रेस्क्यू टीम ने उसे पकडऩे के लिए ऑपरेशन चलाया। शनिवार शाम को तेंदुआ धान के खेतों में छिपा हुआ था। रेस्क्यू टीम ने उसे पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया, जिसे बेहोश करने के बाद पकड़ लिया गया। बाद में उसे छतबीड़ जू लाया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है।
बताया जा रहा है कि तेंदुए ने अब तक किसी भी इंसान को नुकसान नहीं पहुंचाया है, लेकिन उसके देखे जाने से गांव वालों में दहशत का महौल था। मोहाली व चमकौर साहिब के आसपास के गांवों के लोगों ने रात के समय घर से निकलना बंद कर दिया था। वहीं, उनके क्षेत्र में ग्रामीणों ने कई जगह मोर के पंख और कुत्तों के अवशेष पाए, जिससे यह संकेत मिला था कि तेंदुए ने इनका शिकार किया होगा।
कोट्स
वन्य जीव टीम पहले से ही इलाके में मौजूद थी। तेंदुआ टीम को देख कर एक पेड़ से कूदकर धान के खेतों में जा छिपा, जिसे पकड़ने में करीब दो घंटे का समय लगा। धान के घने खेतों में तेंदुए को खोजना मुश्किल था, लेकिन टीम की कड़ी मेहनत के बाद उसे बेहोश कर पकड़ा गया।
- कुलराज सिंह, डीएफओ वन्यजीव विभाग