मोहाली। खरड़ के छज्जूमाजरा इलाके में मई 2020 में विवाहिता के आत्महत्या के मामले में जिला अदालत ने पति राकेश सिंह को सात साल की सजा सुनाई है। उसे दो हजार रुपये जुर्माना भरने का आदेश दिया है। जुर्माना नहीं भरने पर एक माह की सजा और भुगतनी होगी। इस मामले में शालू की सास हरबंस कौर, ससुर कुलदीप सिंह, जेठ करण सिंह और जेठानी रमन कौर को भी आरोपी बनाया गया था, लेकिन अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में उन्हें बरी कर दिया।
अदालत में शालू के भाई वीरू उर्फ विशाल के वकील ने कहा कि शालू और राकेश सिंह की शादी अक्तूबर 2018 में हुई थी। शुरुआत में शादी के बाद सब कुछ सामान्य रहा लेकिन बाद में उसे कम दहेज लाने का कहकर परेशान किया जाने लगा। इतना ही नहीं, राकेश और उसका परिवार शालू को लगातार आत्महत्या करने के लिए उकसाते थे। 23 मई 2020 को शालू ने घर की दूसरी मंजिल पर बेडरूम में पंखे से फंदा लगा लिया। शालू के माता-पिता ने राकेश पर आरोप लगाया कि उसकी प्रताड़ना के कारण उनकी बेटी ने आत्महत्या की। पुलिस ने जांच शुरू कर कहा कि शालू की बहन नेहा के बयान पर यह साबित हुआ कि राकेश सिंह ने शालू को आत्महत्या करने के लिए उकसाया था।