मोहाली। 60 फीसदी शहरी आबादी वाला जिला मोहाली रोजाना नौकरीपेशा लोगों की भागमभाग का गवाह है। उत्तर भारत के इस उभरते आईटी हब में नौकरीपेशा लोगों की संख्या लाखों में है। इन लोगों को रोजाना एक कमी खलती है और वो है सिटी बस की। कामकाजी लोगों के अलावा यहां की गृहणियों, विद्यार्थियों और वरिष्ठ नागरिकों को भी सिटी बस का बेसब्री से इंतजार है।
मोहाली जिले का फैलाव चंडीगढ़ से सट कर लंबाई में हुआ है। बड़ी तादात में नए सेक्टर वजूद में आ चुके हैं। कई महत्वाकांक्षी मेगा प्रोजेक्ट्स ने जिले ही नहीं शहर की लंबाई को भी काफी खींच दिया है। ऐसे में घर, दफ्तर और बाजार के बीच की दूरियां भी बढ़ गई हैं। जिन्हें तय करने के लिए मोहाली के लोग ऑटो, कैब या फिर निजी वाहनों पर निर्भर हैं। इस कारण मोहाली की सड़कों पर यातायात का भार काफी तेजी से बढ़ रहा है। यहीं वजह है कि लुधियाना के बाद मोहाली पंजाब का दूसरा ऐसा जिला है, जिसकी सड़कों पर सबसे ज्यादा वाहन दौड़ते हैं। मोहाली के पुराने सेर्क्ट्स की बात करें तो उनके दोनों ओर 25-25 किमी की दूरी तक शहरी आबादी का विस्तार हो चुका है। जिसके बाद घर से दफ्तर या बाजारों तक ऑटो, कैब या फिर निजी वाहनों में सफर करना मध्यम वर्ग की जेब पर भारी पड़ रहा है। ऐसा नहीं है कि अभी तक मोहाली में सिटी बस शुरू करने की कवायद नहीं हुई। हालांकि अभी तक हुई कोशिशें कागजी जरूर साबित हुईं और सिटी बस सड़कों पर नहीं आ सकी। 2015 में सिटी बस चलाने के लिए प्रोजेक्ट तैयार हुआ था। यह प्रोजेक्ट सरकारी खींचतान में इतना लंबा फंसा कि इसके शुरू होने से पहले ही केंद्र की वह योजना ही बंद हो गई, जिसके तहत इसे शुरू किया जाना था। इसके बाद भी प्रस्ताव सरकार के पास भेजा गया, लेकिन उसे भी ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। ऐसे में रोजमर्रा की जरूरत के लिए मोहाली के लोगों में सिटी बस का इंतजार अभी जारी है।
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सिटी बस सर्विस शुरू नहीं होने के कारण शहर में ऑटो चालक लोगों से मनमाना किराया वसूल रहे हैं। पेट्रोल और डीजल वाले ऑटो विभिन्न मार्गों पर चलते हैं। जो प्रदूषण के लिए भी जिम्मेदार हैं। इन ऑटो चालकों का किराया प्रशासन ने तय नहीं किया है। ऐसे में ऑटो चालक मनमर्जी करते हैं। इन पर प्रशासन का कोई अंकुश नहीं है। साथ ही ऑटो का सफर सुविधाजनक और सुरक्षित भी नहीं है। - कीतर सिंह, मोहाली
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सिटी बस मोहाली की सबसे बड़ी जरूरत है। इस पर कोई सरकार ध्यान क्यों नहीं देती। महंगे पेट्रोल के कारण निजी वाहनों का ज्यादा इस्तेमाल जेब पर भारी पड़ता जा रहा है। ऑटो का सफर असुविधाजनक और असुरक्षित है। सिटी बस सर्विस मिलने से सफर जहां किफायती हो जाएगा वहीं सुरक्षित और सुविधाजनक भी होगा। महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को इससे राहत मिलेगी। - अकबिंदर सिंह गोसल, मोहाली
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सिटी बस के तौर पर किफायती और सुरक्षित सार्वजनिक परिवहन की सुविधा न होने से शहर की सड़कों पर वाहनों का बोझ बढ़ता जा रहा है। इससे प्रदूषण के स्तर में इजाफा हो रहा है। जो चिंता का विषय है। इससे निजात पाने के लिए सिटी बस सर्विस ही एकमात्र उपाय है। मोहाली जैसे बढ़ते शहर में इसकी सबसे ज्यादा जरूरत है। हैरानी की बात है कि अभी तक किसी भी राजनैतिक दल की सरकार ने इसे गंभीरता से नहीं लिया।
- संजीव शर्मा, एडवोकेट, मोहाली
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शहर में सार्वजनिक परिवहन की कमी को ऑटो पूरा नहीं कर सकते। लंबी दूरी के ऑटो बेहतर विकल्प नहीं है। ऑटो बदल-बदल कर सफर करना पड़ता है। जो सुबह शाम घर और ऑफिस के सफर को मुश्किल बनाता है। इसमें समय की खपत भी ज्यादा होती है और सुविधाजनक और सुरक्षित भी नहीं है। सिटी बस का न होना मोहाली जैसे शिक्षित और हाईटेक शहर के दामन पर दाग की तरह है। - प्रवीण कुमार, मोहाली