फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Mohali News: जब रंग, शरीर और हाव-भाव बने सवाल, लाइव परफॉर्मेंस में कलाकारों ने लोकतंत्र और समाज का आईना दिखाया

विज्ञापन
विज्ञापन
चंडीगढ़। मंच पर न कोई संवाद था, न पारंपरिक अभिनय और न ही कहानी कहने का तय तरीका। शरीर की हरकतों, रंगों, हाव-भाव और लाइव एक्शन के जरिए कलाकारों ने समाज, पहचान, लोकतंत्र और नागरिकों की भूमिका पर सवाल खड़े किए। सेक्टर-19 स्थित ली कॉर्बुजिए सेंटर के सीएलकेए ओपन हैंड आर्ट स्टूडियो में बुधवार को आयोजित लाइव परफॉर्मेंस आर्ट में कला का यही अनूठा रूप देखने को मिला। कार्यक्रम चंडीगढ़ ललित कला अकादमी ने इंटरनेशनल नेटवर्क ऑफ परफॉर्मेंस आर्ट के सहयोग से आयोजित किया।
विज्ञापन

न्यूयॉर्क के कलाकार हेक्टर कैनॉन्ग ने शरीर की गतिविधियों और अभिनय के माध्यम से भावनाओं और विचारों को प्रस्तुत किया। उन्होंने दर्शकों को भी प्रस्तुति का हिस्सा बनाया। उनकी कला में पहचान, समाज और लोगों के अनुभवों से जुड़े विषय उभरे।
दिल्ली के कलाकार राजेश त्रिलोकिया ने पीले रंग को अभिव्यक्ति का माध्यम बनाया। उन्होंने चेहरे और हाथों पर रंग लगाकर सफेद शीट पर उनकी छाप बनाई। इसके बाद दर्शकों ने ब्लॉक के जरिए उनके कपड़ों पर अलग-अलग रंगों की छाप बनाकर प्रस्तुति में सहभागिता की। इससे कलाकार और दर्शकों के बीच सीधा संवाद दिखाई दिया।
विज्ञापन

हरियाणा के भानु श्रीवास्तव ने टू द पीपल ऑफ इंडिया प्रस्तुति के जरिए लोकतंत्र और नागरिकों की भूमिका पर सवाल उठाए। लोगों की कतार को लोकतंत्र का प्रतीक बनाया गया, जबकि सफेद कपड़ों में नेता और बैल के मुखौटे के जरिए नेतृत्व और आम जनता के संबंध को दर्शाया गया। बैल को मेहनत, ताकत, धैर्य और संघर्ष का प्रतीक बताया गया।
विज्ञापन

तीनों प्रस्तुतियों ने कला को केवल देखने की चीज के बजाय सोचने और समाज से जुड़ने का माध्यम बनाया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें