मोहाली। शहर में करीब डेढ़ साल बाद पानी की कमी नहीं रहेगी। इसके लिए गमाडा ने जर्मनी की मल्टी नेशनल कंपनी मेसर्स वेओलिया (भारत) प्राइवेट लिमिटेड को गांव सिनपुर में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट (डब्ल्यूटीपी) लगाने का ठेका दिया है। इसके द्वारा भाखड़ा मेन लाइन से ट्रीटेड नहरी पानी की सप्लाई को बढ़ाया जाएगा। यह जानकारी कैबिनेट मंत्री सुखबिंदर सिंह सरकारिया ने रविवार को दी। उन्होंने कहा कि कंपनी दिसंबर 2020 तक वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के निर्माण का कार्य पूरा कर लेगी। प्लांट का निर्माण 33 एकड़ जमीन पर किया जाएगा। इस पर अनुमानित लागत 115 करोड़ रुपये आएगी। वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के निर्माण से मोहाली के लोगों को पीने के पानी की सप्लाई की जाएगी।
सरकारिया ने कहा कि गमाडा बहुत जल्द कजौली वाटर वर्क्स से डिस्ट्रीब्यूशन मेन पाइपलाइन बिछाने के लिए एक टेंडर जारी करेगा। भूजल का स्तर गिरने से ट्यूबवेल भी बेअसर हो रहे हैं, इसलिए नहर के पानी की सप्लाई ही एक अच्छा विकल्प रह गया है।
15 एमजीडी पानी की हो रही सप्लाई
वर्तमान में शहर को रोजाना लगभग 15 एमजीडी पानी की सप्लाई हो रही है। फिर भी व्यस्त सीजन के दौरान 15 एमजीडी पानी की कमी रहती है। मंत्री ने कहा कि वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के निर्माण और डिस्ट्रीब्यूशन पाइपलाइन के डालने से मोहाली वासियों की पेयजल की मांग और सप्लाई के फर्क को भरने में मदद मिलेगी।
मोहाली-चंडीगढ़ को मिलेगा 40-40 एमजीडी नहरी पानी
मंत्री ने बताया कि कजौली वाटर वर्क्स स्कीम के 5वें, 6वें, 7वें और 8वें चरणों के तहत 80 एमजीडी पानी की सप्लाई देने का प्रस्ताव है, जिसके लिए ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (गमाडा) ने पहले ही 2200 मिमी व्यास के एमएस पाइप कजौली हेड वर्क्स से मोहाली के नजदीक गांव सिनपुर तक बिछा दी है। इसमें से 40 एमजीडी नहरी पानी की सप्लाई चंडीगढ़ को दी जाएगी और उतने ही पानी की सप्लाई मोहाली को दी जाएगी। चंडीगढ़ के दिए गए 40 एमजीडी हिस्से के पानी में से मोहाली को 5 एमजीडी नहर के पानी की अतिरिक्त सप्लाई दी जाएगी जैसा कि वर्ष 1983 में प्रोजेक्ट के पहले चरण के लिए पानी के बंटवारे संबंधी तत्कालीन गृह मंत्री की अध्यक्षता में हुई एक बैठक में निर्णय लिया गया था। कजौली वाटर वर्क्स स्कीम के पहले चार चरणों के लिए उसी जल बंटवारे के पैटर्न को दोहराया गया है।