सरकार और प्रशासन माने या न माने, लेकिन सांसद के घर की पानी की टंकी को टैंकरों से भरे जाने से यह साफ हो चुका है कि मोहाली जिले में पानी की किल्लत है।
जिले के गांव और कसबों में पानी को लेकर जो हाय तौबा मची है, उससे शहर भी अब बचा नहीं है। लोगों का कहना है कि प्रशासनिक अधिकारी और नेता दावे कर रहे हैं कि मोहाली में ट्यूबवेल लगाए जा रहे हैं। जनता को पानी की समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा। इसके बावजूद शहर के कई इलाकों में जहां गंदे पानी की सप्लाई हो रही है, वहीं कई जगह वाटर सप्लाई न होने के कारण लोग काफी परेशान हैं।
शहर के फेज-2 और 7 के अलावा कई इलाकों में कई दिनों से दोपहर में पानी की सप्लाई नहीं हो रही है। पानी की किल्लत से जूझ रहे लोगों का कहना है कि सरकार और प्रशासनिक अधिकारी यह मानने को तैयार नहीं है कि मोहाली में पेयजल की समस्या है।
...तो सांसद के घर क्यों पहुंचे वाटर टैंकर
मोहाली वासी अतुल शर्मा का कहना है कि अगर राजनेता और लोकल प्रशासनिक अधिकारी यह कहते हैं कि यहां पानी की किल्लत नहीं है तो सांसद के घर वाटर टैंकर क्यों पहुंचे। उन्होंने सवाल उठाया कि पानी की शहर में किल्लत है, तभी तो सांसद के घर की टंकी को वाटर टैंकर से भरा गया।
आम नागरिकों के घरों की टंकी भी भरे टैंकर
सांसद के घर की पानी टंकी भरे जाने पर लोगों ने कहा कि जिस तरह सांसद के घर की टंकी को प्रशासन टैंकरों की मदद से भरवा रहा है, उसी तरह शहर के आम नागरिकों के घरों पर भी वाटर टैंकर भेजने की व्यवस्था होनी चाहिए।