मोहाली। शहर के लगातार बढ़ते विस्तार के साथ ठोस कचरा प्रबंधन नगर निगम के लिए चुनौती बनता जा रहा है। नई आबादी, बढ़ते बाजार और रोजाना बढ़ रही कचरे की मात्रा को देखते हुए अब केवल कचरा उठाने की व्यवस्था को पर्याप्त नहीं माना जा रहा। इसी दिशा में मोहाली नगर निगम मिशन क्लीन पंजाब, प्राउड पंजाब के तहत ठोस कचरा प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत करने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए नगर निगमों में प्रोजेक्ट इंप्लीमेंटेशन यूनिट (पीआईयू) स्थापित करने संबंधी मॉडल रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल के तहत एजेंसी की सेवाएं लेने की प्रक्रिया पर काम किया जाएगा।
पीआईयू का मुख्य उद्देश्य ठोस कचरा प्रबंधन से जुड़े कार्यों की बेहतर योजना, तकनीकी निगरानी और परियोजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में नगर निगम की क्षमता बढ़ाना होगा। इसके माध्यम से कचरा संग्रह, परिवहन, छंटाई, प्रसंस्करण और अंतिम निस्तारण की व्यवस्था की तकनीकी समीक्षा कर बेहतर योजना तैयार करने पर जोर रहेगा। परियोजनाओं की प्रगति की निगरानी और तकनीकी मूल्यांकन भी व्यवस्थित तरीके से किया जा सकेगा।
कचरे से संसाधन तैयार करने पर जोर
ठोस कचरा प्रबंधन में अब कचरा उठाने के साथ गीले-सूखे कचरे का अलगाव, रिसाइकिल सामग्री की छंटाई और जैविक कचरे से उपयोगी उत्पाद या ऊर्जा तैयार करने जैसी व्यवस्थाओं पर भी जोर जरूरी है। पीआईयू के माध्यम से ऐसी परियोजनाओं को तकनीकी सहयोग मिलने की संभावना है।
बढ़ते शहर के लिए मजबूत सिस्टम जरूरी
नए सेक्टरों और विकसित हो रहे इलाकों के विस्तार को देखते हुए आने वाले वर्षों की जरूरत के अनुसार कचरा प्रबंधन सिस्टम तैयार करना जरूरी है। पीआईयू के जरिए दीर्घकालिक योजना, तकनीकी मूल्यांकन, परियोजनाओं की निगरानी और बेहतर समन्वय में नगर निगम को मदद मिल सकती है।
मोहाली में ठोस कचरा प्रबंधन को वैज्ञानिक और प्रभावी बनाने पर फोकस रहेगा। पीआईयू के माध्यम से प्लानिंग और निगरानी मजबूत कर शहर को स्वच्छ बनाने की दिशा में काम किया जाएगा।— सरबजीत सिंह समाना, मेयर