चंडीगढ़। यात्रीगण ध्यान दें। चंडीगढ़ वर्ल्ड क्लास रेलवे स्टेशन प्रोजेक्ट की शुरुआत के लिए अभी एक साल और इंतजार करना पड़ेगा।
कोविड काल में लेबर की कमी के चलते नॉर्दन रेलवे ने इस प्रोजेक्ट को पहले छह माह के होल्ड किया था, अब इसकी समय सीमा छह माह और बढ़ा दी गई है। ऐसे में चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को मिलने वाली बुनियादी सुविधाओं के लिए भी राह देखनी पड़ेगी। उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक आशुतोष गंगल ने बताया कि कोविड के लिए फिलहाल एक साल के लिए वर्ल्ड क्लास रेलवे स्टेेशन प्रोजेक्ट को रोक दिया गया है।
चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन परिसर के बाहर पार्किंग एरिया में न तो पेयजल की व्यवस्था है और न ही शौचालय की। इस बाबत जब रेल महाप्रबंधक से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि यहां यात्रियों की संख्या के आधार पर सुविधाएं सुनिश्चित की जाती हैं। वर्तमान में चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर आने वाले यात्रियों की संख्या कम है। आने वाले समय इस पर विचार किया जाएगा।
130 की रफ्तार से दौड़ेगी शताब्दी
चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन से चलने वाली ट्रेनों की स्पीड को बढ़ाने को लेकर कई वर्षों से तैयारियां चल रही हैं। हालांकि इन सबके बीच करीब चार वर्ष पहले कुछ सुपरफास्ट और मेल एक्सप्रेस ट्रेन की स्पीड को बढ़ाया भी गया है, लेकिन ज्यादा नहीं थी। अब अंबाला मंडल की ओर से चंडीगढ़-अंबाला-दिल्ली रेल ट्रैक पर 130 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेन चलाने की तैयारियां की जा रही हैं। उत्तर रेल महाप्रबंधक ने बताया कि आरडीएसओ और रेलवे सेफ्टी विभाग को मंजूरी के लिए प्रस्ताव भेजा है। हरी झंडी मिलते ही शताब्दी की रफ्तार अंबाला लुधियाना शताब्दी की तरह बढ़ा दी जाएगी। फिलहाल अभी अंबाला लुधियाना मार्ग पर शताब्दी 120 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से चलाई जा रही है।