मोहाली। पिछले दो दिनों की बारिश और उसके बाद तेज धूप के कारण मौसम में तेजी से बदलाव आया है। इसका सीधा असर लोगों के स्वास्थ्य पर दिखाई दे रहा है। फेज-6 स्थित सिविल अस्पताल में वायरल फीवर के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन करीब 30 मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। इन मरीजों में बुखार, सिरदर्द, बदन दर्द, गले में खराश और कमजोरी जैसे लक्षण प्रमुख हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, बारिश के बाद कई स्थानों पर पानी भरा होने से मच्छरों के पनपने की संभावना बढ़ जाती है।
मौसम में अचानक बदलाव के कारण वायरल संक्रमण भी तेजी से फैलता है। बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। स्वास्थ्य विभाग लोगों को साफ-सफाई बनाए रखने की सलाह दे रहा है। बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत जांच कराने को कहा गया है। सिविल अस्पताल के मेडिसिन विशेषज्ञ आशीष जिंदल ने बताया कि मौसम में बदलाव के कारण वायरल फीवर के मामलों में वृद्धि हुई है।
बचाव के उपाय और विशेषज्ञ की सलाह
आशीष जिंदल ने लोगों को मच्छरों से बचाव के लिए विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। उन्होंने घरों के आसपास पानी भरा नहीं होने देने पर जोर दिया। बुखार आने पर शरीर में पानी की कमी न होने दें। पर्याप्त मात्रा में पानी, ओआरएस, नारियल पानी और अन्य तरल पदार्थ लेते रहें। यदि बुखार लगातार बना रहे, कमजोरी बढ़े या अन्य गंभीर लक्षण दिखाई दें तो तुरंत चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए।
वायरल फीवर के प्रमुख लक्षण
वायरल फीवर के सामान्य लक्षणों में तेज बुखार शामिल है। इसके साथ ही सिरदर्द और बदन दर्द भी महसूस हो सकता है। गले में खराश, कमजोरी और थकान भी इसके लक्षण हैं। कुछ मरीजों को ठंड लगना और भूख कम लगने की शिकायत भी होती है। इन लक्षणों पर ध्यान देना और समय पर उपचार कराना महत्वपूर्ण है।
बचाव के उपाय
मच्छरों से बचाव करें। घर के आसपास पानी जमा न होने दें। पर्याप्त मात्रा में पानी और तरल पदार्थ लें। पूरी बाजू के कपड़े पहनें। बुखार होने पर डॉक्टर से परामर्श लें। साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें।