मोहाली। वीआईपी सिटी मोहाली में बाहरी लोगों की सुविधा के लिए नगर निगम ने अलग-अलग स्थानों और प्रमुख सड़कों के किनारे कई साल पहले गाइड मैप लगाए थे। अब यह मैप लोगों को पूरी तरह से मिस गाइड करने लगे हैं। शहर में बोर्ड तो लगे हैं लेकिन बोर्ड से मैप गायब हो चुके हैं या फिर टूट चुके हैं। इस पर लाखों खर्च हुए थे, लेकिन अब यह मैप और डायरेक्शन बोर्ड या तो पेड़ों की टहनियों के पीछे छिप गए है, या तो कई जगह पर पूरी तरह टूट चुके हैं।
सिर्फ पिलर ही नजर आ रहे हैं। सबसे बड़ी समस्या यह है कि यह प्रशासन की अनदेखी का शिकार हो रही है। इस वजह से लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। इससे शहर की खूबसूरती पर भी ग्रहण लग रहा है, इस तरफ ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक गमाडा और नगर निगम ने अपने-अपने इलाकों में कुछ साल पहले पूरे शहर का सर्वे कर गाइड मैप लगाए थे। इसके लगाने के पीछे मकसद यह था कि जब लोग बाहर से शहर में आएं तो मैप के जरिए सही ठिकाने पर पहुंच सके। अब इनकी हालत खस्ता हो चुकी है। सबसे ज्यादा समस्या औद्योगिक क्षेत्र में आ रही है। इस इलाके में लगे गाइड मैप पूरी तरह से टूट चुके हैं, कई जगह पोस्टरों से ढके पड़े है। रिहायशी इलाके में तो कई जगह टूटे पड़े हैं।
बात उठ चुकी लेकिन नहीं हो रहा निदान
इलाके की रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन इस मामले को गमाडा व नगर निगम के अधिकारियों के समक्ष भी उठा चुकी है। फिर भी बात नहीं बन रही। अधिकारियों की नींद नहीं खुल रही है। हालांकि इन्हीं रोड से शहर के सभी प्रमुख विभागों के अधिकारी गुजरते हैं। जानकारी के मुताबिक शहर में अधिकतर स्थानों पर लगाए गए गाइड मैप पर रात के समय पोस्टर व बैनर लगा दिए जाते हैं। इससे उनकी सूरत बिगड़ जाती है और उस पर बने मैप नहीं दिखते।
मामला उनके ध्यान में है। जल्द ही इस पर कार्रवाई की जाएगी। पेड़ों में छिपे गाइड मैप लोगों को दिख सकें, इसके लिए काट-छांट का काम जल्द किया जाएगा। -परमिंदर सिंह पाल, कमिश्नर, नगर निगम