मोहाली। गैंगस्टरों का सेफ हाउस बना वीआईपी सिटी मोहाली अब सुरक्षित नहीं रह गया है। मोहाली में एकबार फिर ऐसे ही दो गैंगस्टरों के पकड़े जाने के बाद प्रशासन और पुलिस पर सवाल उठने लगा है। वजह है यह कि प्रशासन द्वारा लगातार किराएदारों और गेस्ट का वेरिफिकेशन करवाने को कहे जाने के बावजूद कहीं न कहीं चूक है। ऐसे गैंगस्टर आते हैं और यहां वारदात करने के बाद रफूचक्कर हो जाते हैं। दो वर्ष के दौरान ऐसे दो दर्जन से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं, जिसमें गैंगस्टरों का ठिकाना जिला मोहाली ही पाया गया।
चाहे मामला पवित्र चौरा और हुसनदीप सिंह चौरा माधरे गिरोह के तीन गुर्गों का हो या फिर बाउंसर मर्डर केस के वांछित दो शूटर्स विक्रम राणा और किरण सिंह का। सभी मामलों में पुलिस का कहना था कि यह सभी अपनी पहचान छिपाकर रह रहे थे। मोहाली पुलिस को यह तभी मालूम पड़ता है, जबकि वारदात हो जाती है। मोहाली में जीरकपुर, खरड़, डेराबस्सी, कुराली, मुल्लांपुर, नयागांव के साथ ही लांडरां भी ऐसे गैंगस्टरों का अड्डा बन चुका है।
इन शहरों को पनाहगाह बनाने के पीछे का कारण इन शहर को दूसरे राज्यों से जोड़ने वाली सीमाओं का होना है। दोनों ही शहरों में ठहरने के दौरान पड़ोसी राज्यों में पहुंचना आसान है। आलम यह है कि आपराधिक गतिविधियों से जुड़े लोग अक्सर वारदात को अंजाम देने के बाद यहां घर किराए पर लेकर आराम से रहते हैं। इसके साथ ही ट्राइसिटी में रंगदारी का खेल चलाया जा रहा है।
घनी आबादी वाले इन शहरों में लाखों की संख्या में फ्लैट हैं। इनमें रहने वाले लोगों का संपर्क एकदूसरे के साथ कम होता है। निजी कंपनियों में काम करने वाले लोग देर रात काम से लौटते हैं और अपने घरों के अलावा दूसरे घरों में कौन रहता है, इसका किसी को पता नहीं होता। एक पुलिस अधिकारी के अनुसार दूसरी ओर आपराधिक गतिविधियों से जुड़े लोग ऐसी पॉश सोसाइटियों में ही अपना ठिकाना बनाते हैं ताकि पुलिस इनके पास पहुंच न सके। वहीं पुलिस ने भी शहर को संवेदनशील मानते हुए समय-समय पर कॉसो ऑपरेशन चलाती है ताकि अगर कहीं ऐसे असामाजिक तत्व छिपे हों तो उन्हें पकड़ा जा सके।
-यूएसए स्थित पवित्तर चौरा और हुसनदीप सिंह चौरा माधरे गिरोह के तीन प्रमुख गुर्गों को गिरफ्तार किया। वो अपनी वास्तविक पहचान छिपाकर मोहाली में रह रहे थे।
-बाउंसर मर्डर केस में वांछित तेउद गांव निवासी विक्रम राणा और खरड़ निवासी किरण सिंह के तौर पर की गई।
-अपराध जांच एजेंसी (सीआईए) स्टाफ ने गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया और अमृत बल्ल के एक गुर्गे को बलौंगी स्थित ग्रीन एनक्लेव के पास से गिरफ्तार किया।
- गैंगस्टर हरजोत सिंह चीमा ने चंडीगढ़ स्थित एक होटल में युवती से जबरन दुष्कर्म करने के बाद पुलिस से बचने के चक्कर में बिल्डिंग से छलांग लगा दी थी, उसकी जीएमसीएच-32 में मौत हुई थी। जांच में उसके पंजाब के जीरकपुर में नाम बदलकर रहने की बात सामने आई थी।
- हल्लोमाजरा के दीप कांप्लेक्स स्थित मकान नंबर-1352 में नाम बदलकर रहने वाले पंजाब के दो गैंगस्टरों गुरभेज सिंह और विनोद कुमार उर्फ रंगीला को यूटी पुलिस-सीआइए कपूरथला की टीम ने ज्वाइंट ऑपरेशन में अवैध हथियारों सहित गिरफ्तार किया था।
- लॉरेस बिश्नोई गैंग का शार्प शूटर पंचकूला के अस्पताल से दीपक उर्फ टीनू को छुड़वाकर ले गया था। मोहाली में भी कई छोटी-बड़ी गैंगवार की वारदात हो चुकी हैं।
- मोहाली में भी एक गैंगवार के दौरान 150 राउंड फायरिंग हो चुकी है। पीरमुछल्ला में भी गैंगस्टर्स के ठिकाने पर रेड कर पुलिस एनकाउंटर कर चुकी है। ट्राईसिटी में गैंगवार
-सितंबर 2019 दिनदहाड़े हरियाणा में सक्रिय गैंग के चार बदमाशों ने सेक्टर-17 स्थित पुरानी कोर्ट के पास दो युवकों पर गोलियां चलाई, जिसमें एक की मौत और दो घायल हो गए थे।