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खरड़-बलौंगी हाईवे पर ग्रामीणों ने लगाया जाम, डेढ़ घंटे बंद रही आवाजाही

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मोहाली। खरड़-बलौंगी हाईवे पर बनाए जा रहे फ्लाईओवर पर गांव दाऊं की ओर से खरड़ जाने के लिए लोगों को रास्ता नहीं दिया गया है। इससे नाराज गांव दाऊं समेत करीब 25 गांवों के लोग शनिवार को संघर्ष की राह पर आ गए। इस दौरान लोगों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया और खरड़ हाईवे के दोनों तरफ जाम लगा दिया। इससे हाईवे पर करीब डेढ़ घंटे तक आवाजाही प्रभावित रही और यहां कई राज्यों के वाहन सड़क पर फंस गए।
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इस मौके पर एसडीएम हिमांशु जैन और डीएसपी खरड़ ने पहुंचकर लोगों को भरोसा दिलाया कि वह इस संबंधी नेशनल हाईवे अथारिटी के अधिकारियों से बात करेंगे। इसके साथ ही गांवों के लोगों को रास्ता दिलाने के लिए पैरवी करेंगे। वहंी इस मौके पर लोगों की मांग को ध्यान में रखते हुए अगले आदेश तक गांव दाऊं के आगे चल रहे फ्लाईओवर के काम को बंद करवाने का एलान भी किया गया। यहां मौजूद लोगों ने साफ किया है कि अगर उनकी सुनवाई नहीं हुई तो वह यहां पक्का मोर्चा लगा देंगे।
मिली जानकारी के मुताबिक शनिवार को सुबह करीब 10 बजे काफी संख्या में आसपास के गांव के लोग गांव दाऊं के एंट्री प्वाइंट पर जुट गए थे। इसमें महिलाएं और पुरुष दोनों शामिल थे। इसके बाद लोगों ने हाईवे के दोनों तरफ जाम लगा दिया। यह जाम सुबह 11 बजे से साढ़े 12 बजे तक चला। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंच गई। इस अवसर पर अजमेर सिंह सरपंच गांव दाऊं और किसान यूनियन नेता गुरनाम सिंह ने बताया कि गांव दाऊं एक एतिहासिक गांव है। यहां पर हर रविवार और माघी को बड़ा मेला लगता है। जिसमें काफी संख्या में बाहरी राज्यों से लोग शामिल होने आते हैं। इसके अलावा गांव के पिछली तरफ दर्जनों कॉलोनियां और गांव बसे हैं। जहां पर एक लाख लोगों का आना जाना लगा रहता है। इस कारण ट्रैफिक व्यवस्था को सुुचारू तरीके से चलाने के लिए जरूरी है।
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इतना ही नहीं गावों को हाईवे से सीधा रास्ता नहीं देने के कारण लोगों को काफी दूर से घूमकर आना पड़ रहा है। इससे भी ट्रैफिक जाम की स्थिति बनती है। उन्होंने बताया कि गांव दाऊं को पूर्व सांसद प्रो. प्रेम सिंह चंदूमाजरा ने गोद लिया था। उन्होंने भी गांव को हाईवे से सीधा रास्ता दिलाने का वायदा किया था। सेहत मंत्री एवं विधायक बलबीर सिंह सिद्घू भी इस बारे में एलान कर चुके हैं और यह मामला मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह तक पहुंचा था। उन्होंने भी रास्ता दिलाने संबंधी सहमति दी थी। लेकिन इसके बाद भी लोगों को संघर्ष करना पड़ रहा है।
इस रोष धरने में काफी संख्या में महिलाएं शामिल हुईं। इस अवसर पर हरविंदर सिंह राजू, करमजीत सिंह सोनू, सुलखण सिंह, मास्टर हरबंस सिंह, बलराज सिंह, गुरमीत सिंह, हरमिंदर सिंह, गुरविंदर सिंह, तजिंदर सिंह, गुरदीप सिंह, जसवंत सिंह, चरनजीत सिंह और पंचायत सदस्य गुरतेज सिंह पन्नू, भाग सिंह पूर्व पंच, कंवरदीप सिंह बागड़ी के अलावा महिलाओं में कुलवंत कौर, तरनजीत कौर, हरसिमरन कौर, सविता, नीरू, बीना, स्नेह, सिम्मी और काफी संख्या में महिलाएं शामिल थीं।
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