मोहाली। शुक्रवार रात करीब 9:30 बजे पूर्व वरिष्ठ अकाली नेता रंजीत गिल ने भारतीय जनता पार्टी का दामन थामा। इसके कुछ घंटे के बाद शनिवार सुबह ही पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने गिल के घर और दफ्तर पर छापा मारी शुरू कर दी। इसके विरोध में भाजपा जिला अध्यक्ष संजीव वशिष्ठ की अगुवाई में भारी संख्या में कार्यकर्ताओं ने डीसी दफ्तर के बाहर धरना देकर पंजाब की आप सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
इस दौरान उनके साथ पंजाब भाजपा के सह कोषाध्यक्ष सुखविंदर सिंह गोल्डी, वरिष्ठ भाजपा नेता कमलदीप सैनी, तजिंदर सिंह सरां, बन्नी संधू मौजूद रहे। वशिष्ठ ने कहा कि पंजाब की आम आदमी पार्टी की सरकार पूरी तरह बदला खोरी की राजनीति पर उतर आई है। उन्होंने कहा कि अकाली दल छोड़ने के बाद आप द्वारा लगातार गिल पर उनकी पार्टी ज्वाइन करने का दबाव बनाया जा रहा था। गिल को कुराली में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान तीन अगस्त को भाजपा में शामिल करवाना था लेकिन आम आदमी पार्टी के लगातार बनाए जा रहे दबाव के कारण उन्हें एक अगस्त की देर रात पार्टी में शामिल किया गया।
इससे बौखलाई सरकार ने अगले ही दिन सरकार की मंशा स्पष्ट कर दी। वशिष्ठ ने कहा कि सरकार के पास अब केवल 15 से 18 महीने का समय बाकी है। इस दौरान सरकार जितनी भी धक्काशाही करना चाहती है, वह कर ले। इसके बाद जल्द ही समय बदलने वाला है। भारतीय जनता पार्टी का हर सिपाही सरकार के इस धक्के शाही का डटकर सामना करने के लिए पूरी तरह से तैयार है।