मोहाली। विजिलेंस ने अतिरिक्त जिला सत्र न्यायाधीश की अदालत में एएसआई ओम प्रकाश के खिलाफ 1.55 लाख रुपये की रिश्वत मांगने के आरोप में आरोप पत्र दाखिल किया है। इस बीच ओम प्रकाश ने अपने वकील के माध्यम से अतिरिक्त जिला सत्र न्यायाधीश की अदालत में चिकित्सा आधार पर नियमित जमानत के लिए दायर आवेदन पर 20 अक्टूबर को सुनवाई होगी। विजिलेंस के अनुसार उक्त पुलिसकर्मी पर मोहाली निवासी एक व्यक्ति की शिकायत पर भ्रष्टाचार निरोधक कार्रवाई दर्ज की गई थी। विजिलेंस को दी शिकायत के अनुसार गुरजीत सिंह और उसकी पत्नी के खिलाफ सोहाना थाने में मामला दर्ज किया गया था। उक्त मामले के जांच अधिकारी सहायक उपनिरीक्षक ओम प्रकाश ने उक्त मामले को रद्द करने के लिए 2.50 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की थी। इसके बाद उक्त पुलिस अधिकारी ने केस रद्द करने की एवज में शिकायतकर्ता से 1.55 लाख रुपये की रिश्वत ली थी। विजिलेंस के अनुसार मामले की गहन जांच के बाद शिकायत में लगाए गए आरोप सही पाए गए और इसके बाद विजिलेंस ब्यूरो ने आरोपी सहायक सब-इंस्पेक्टर ओम प्रकाश के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत विजिलेंस ब्यूरो पुलिस स्टेशन मोहाली में केस दर्ज किया था। ओम प्रकाश गिरफ्तारी के दिन से ही न्यायिक हिरासत में है और उसकी ओर से अदालत में उसके स्वास्थ्य संबंधी दायर की गई अर्जी के अनुसार उसे जेल प्रशासन द्वारा इलाज के लिए राजिंद्र अस्पताल पटियाला भी ले जाया गया था।