मोहाली। विजिलेंस ब्यूरो की टीम ने इंडस्ट्रियल एरिया फेज-8 की पुलिस चौकी में तैनात थानेदार और हवलदार को दस हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों दबोचा है। इस मामले में एक निजी कंपनी के मालिक करण सिंह, निवासी गांव नाहन, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश, हाल निवासी फेज-3बी1 मोहाली ने विजिलेंस को शिकायत दी थी। करण सिंह ने बताया कि उनके खिलाफ किसी व्यक्ति ने कोई शिकायत दी थी। इस शिकायत के निपटारे के लिए उक्त थानेदार और हवलदार दोनों पैसे मांग रहे थे। इसके साथ ही धमकियां दे रहे थे कि अगर पैसे नहीं दिए तो उस पर झूठा केस दर्ज कर दिया जाएगा। दोनों आरोपियों की पहचान थानेदार कृष्ण कुमार और हवलदार अजय गिल के रूप में हुई है। जबकि एक और अज्ञात थानेदार की पहचान के बारे में विजिलेंस जांच कर रही है। इस मामले में डीएसपी हरविंदर पाल सिंह ने कहा कि भ्रष्टाचार रोको अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
वहीं, विजिलेंस को करण सिंह ने बताया कि उसका लोगों को बैंक से लोन दिलाने का काम है। उसने कई मुलाजिम भी रखे हुए हैं। लेकिन इनमें से एक-दो मुलाजिम किसी कारण नौकरी छोड़ गए थे। इस पर उन मुलाजिमों ने पुलिस चौकी इंडस्ट्रियल एरिया फेज-8 के हवलदार को बताया कि यह कंपनी फ्रॉड है। इसके बाद हवलदार अजय गिल 27 जनवरी को उसके दफ्तर से लैपटॉप और अन्य सामान ले गए। इसके बाद उसे पुलिस चौकी बुलाया गया। यहां पर उसके साथ इस केस का निपटारा करने के लिए 20 हजार रुपये रिश्वत की मांग की गई। इस पर करण ने आरोपियों को मौके पर ही आठ हजार रुपये दिए गए और बाकी पैसे नहीं दिए। इसके बाद 2 फरवरी को उसे दोबारा पुलिस चौकी बुलाया गया। इसके साथ ही थानेदार कृष्ण कुमार ने कहा कि उसका पूरा सामान उसके पास है और उसके बदले 25 हजार रुपये की मांग रखी गई। इस पर करण ने मौके पर ही 15 हजार रुपये दे दिए। जबकि 10 हजार रुपये 3 फरवरी को देने की बात कही गई। इसके बाद उसने इस मामले की शिकायत विजिलेंस को दे दी।
इसके बाद विजिलेंस ने योजना बनाकर 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते दोनों आरोपियों को रंगे हाथों मौके पर ही दबोच लिया। विजिलेंस ने दोनों आरोपियों के ट्रंक से 15 हजार रुपये बरामद किए हैं। विजिलेंस के मुताबिक हवलदार अजय गिल को इसलिए गिरफ्तार किया गया है, क्योंकि उसके पास से शिकायतकर्ता का लैपटॉप और एक चेक भी बरामद किया गया है।