मोहाली/खरड़। डीएसपी खरड़ के रीडर द्वारा रिश्वत लेने का मामला अभी ठंडा नहीं पड़ा था कि अब सिटी थाने में तैनात एक एएसआई को विजिलेंस ब्यूरो की टीम ने 10 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों काबू कर लिया। वह एक केस के आरोपियों की जमानत होने से रोकने व अच्छी पैरवी के लिए पैसे की मांग रहा था। आरोपी की पहचान एएसआई हरजीत सिंह के रूप में हुई है। उस पर भ्रष्टाचार रोकथाम कानून की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। वहीं विजिलेंस द्वारा पकड़े जाने के बाद उसे पुलिस ने तुरंत सस्पेंड कर दिया है। इसके साथ ही पुलिस ने अधिकारियों को इस तरह के कामों से दूर रहने की हिदायत दी है।
जानकारी के मुताबिक विजिलेंस को शिकायतकर्ता दविन्दर सिंह निवासी गांव पड़ोल ने शिकायत दी थी। उसने बताया कि केस में आरोपियों की जमानत होने से रोकने और अदालत में इस केस की अच्छी तरह पैरवी करने के बदले उक्त एएसआई 10 हजार रुपये मांग रहा है। इसके बाद विजिलेंस ने पूरी तरह से पड़ताल करने केे बाद उक्त एएसआई को दो सरकारी गवाहों की हाजिरी में 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़ लिया।
बता दें कि सात दिसंबर को डीएसपी खरड़ के रीडर को बीस हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों विजिलेंस ने दबोचा था। इसके बाद डीएसपी की भूमिका पर भी सवाल उठे थे। इस पर एसएसपी कुलदीप सिंह चहल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उक्त डीएसपी को हेडक्वार्टर से अटैच कर दिया था। वहीं डीएसपी एयरपोर्ट अमरोज सिंह को खरड़ के डीएसपी का चार्ज दे दिया था।
मार्च में पकड़े थे एसएचओ और मुंशी
इस साल मार्च में मोहाली के थाना फेज-एक तत्कालीन के एसएचओ व उसके (मुंशी) रीडर हेड-कांस्टेबल को तीस हजार रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। वह बड़माजरा के एक युवक को छोड़ने के लिए उसके पेरेंट्स से पैसे की मांग कर रहे थे। यह मामला काफी हाईप्रोफाइल था। इस केस में कई लोगों की भूमिका पर सवाल उठे थे। यह मामला अदालत में विचाराधीन है।
मोहाली एसपी का रीडर भी रिश्वत लेते दबोचा गया था
फरवरी में तत्कालीन एसपी के रीडर को पांच हजार रुपये रिश्वत लेते विजिलेंस ने दबोचा था। वह चंडीगढ़ की एक महिला के पति पर दर्ज केस में महिला की सहायता के लिए पैसे की मांग कर रहा था। बाद में उसे भी सस्पेंड किया था। यह मामला भी अदालत में विचाराधीन है।