जीरकपुर। बलटाना स्थित सरकारी राशन डिपो से वितरित होने वाली गेहूं की स्वच्छता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ है जिसमें एक कुत्ता सरकारी राशन की गेहूं खाते हुए दिख रहा है। इस घटना से स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है और उन्होंने मामले की जांच की मांग की है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए खाद्यान्न उपलब्ध कराती है। ऐसे में राशन की सुरक्षा और स्वच्छता सुनिश्चित करना डिपो संचालक की जिम्मेदारी है। यदि गेहूं खुले या असुरक्षित स्थान पर रखी जाती है तो उसकी गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। इससे लोगों के स्वास्थ्य पर भी असर पड़ सकता है। वीडियो वायरल होने के बाद संबंधित विभाग से जांच की मांग की गई है। यह पता लगाया जाना चाहिए कि गेहूं किस स्थान पर रखी गई थी। साथ ही, कुत्ता वहां तक कैसे पहुंचा, इसकी भी जांच हो। राशन डिपो में खाद्यान्न के भंडारण और वितरण व्यवस्था की नियमित निगरानी की भी मांग की गई है।
स्वास्थ्य पर संभावित खतरा
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, कुत्तों की लार से खाद्य सामग्री दूषित हो सकती है। कुत्तों की लार में कैपनोसाइटोफागा, पास्चरेला और स्टैफिलोकोकस जैसे बैक्टीरिया पाए जा सकते हैं। संक्रमित कुत्ते की लार में रेबीज वायरस होने की आशंका भी रहती है। इसलिए कुत्ते के सीधे संपर्क में आई खाद्य सामग्री के उपयोग से बचना चाहिए।
इसके लिए हम डिपो मालिक को चेतावनी देंगे। यदि दोबारा ऐसी कोई घटना होती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। - रजनी, इंस्पेक्टर खाद्य व आपूर्ति विभाग जीरकपुर।