मोहाली। ट्राइसिटी में वाहन लूटने की वारदातों को अंजाम दे रहे गिरोह के 5वें शातिर को खरड़ पुलिस ने धर दबोचा है। इस गिरोह के चार सदस्य नाकाबंदी के दौरान पुलिस के हत्थे चढ़े थे। गिरोह के शातिरों की गिरफ्तारी से वाहन लूट की 10 वारदातों का खुलासा हुआ है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूट के वाहन, हथियार व स्मैक बरामद की है।
हाल ही के दिनों में यह दूसरा गिरोह खरड़ पुलिस के हत्थे चढ़ा है, जो ट्राइसिटी में वारदातों को अंजाम दे रहा था। दुष्कर्म के झूठे मामले में फंसाने की धमकी देकर लोगों को ठगने वाले गिरोह के शातिरों को गिरफ्तार करने के बाद अब हथियारों के बल पर वाहन लूटने वाले गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। एसपी देहात रवजोत ग्रेवाल ने इस गिरोह के गिरफ्तार किए गए शातिरों, वारदातों व इनसे हुई बरामदगी के बारे में जानकारी दी।
दरअसल बीती 23 अक्टूबर को थाना खरड़ के एएसआई जीवन सिंह ने पुलिस टीम के साथ नाकाबंदी की हुई थी। इस दौरान पुलिस ने चार शातिरों को हिरासत में लिया, तो पता चला कि ट्राइसिटी में हथियारों के बल पर वाहन लूटने वाला गिरोह हाथ लगा है। थाना खरड़ सदर में इन चारों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इनके पास से चोरी के वाहन व हथियार पुलिस को बरामद हुए। इन्हीं की निशानदेही पर इनके पांचवें साथी को पकड़ लिया गया है। उसके कब्जे से पुलिस को लूटे गए वाहनों व हथियारों सहित स्मैक भी बरामद हुई।
गिरोह के गिरफ्तार शातिर
- प्रिंस, रायपुर खुर्द चंडीगढ़
- भुपिंदर सिंह रावत, रायपुर खुर्द चंडीगढ़
- राहुल कुमार, मॉडल टाउन डेराबस्सी
- लाखन, मुबारिकपुर डेराबस्सी
- प्रदीप कुमार, मुख्य बाजार डेराबस्सी
ये सामान हुआ बरामद
- एक स्कूटी
- 9 मोटरसाइकिल
- एक ओपन जीप
- एक साइकिल
- एक देसी तमंचा 315 बोर
- 2 कारतूस
- एक तलवार
- एक टकुआ
- 80 ग्राम स्मैक
इन वारदातों का हुआ खुलासा
- होंडा एक्टिवा ढकोली मार्केट से चोरी की
- हीरो स्पलेंडर डेराबस्सी से चुराई
- ओपन जीप जीरकपुर मार्केट से चोरी की
- एक बुलेट व एक बजाज पल्सर बलटाना मार्केट से चोरी किया
- हीरो मोटरसाइकिल बलटाना से तलवार दिखा कर लूटा
- आईटी पार्क में राहगीर को डराकर साइकिल लूटी
- जलवायु टावर के पास टकुआ दिखाकर बजाज पल्सर लूटी
- सन्नी एनक्लेव मार्केट से हीरो स्पलेंडर मोटरसाइकिल चोरी की
- बजाज पल्सर मोटरसाइकिल बलौंगी से चोरी किया
- पंचकूला से बजाज प्लेटीना बाइक चोरी की
मौज मस्ती के लिए की वारदातें, फिर बना लिया गिरोह
गिरफ्तार किए गए वाहन लूटने वाले गिरोह के पांचों शातिर दोस्त हैं। शुरू में मौज मस्ती करने के लिए वाहन चोरी करना शुरू किया। वारदातों को अंजाम देते-देते पांचों दोस्तों ने गिरोह बना लिया। गिरोह बनाकर निशानदेही करने के बाद पूरी योजना के तहत वारदात को अंजाम देते थे। इस गिरोह ने जिन वारदातों को अंजाम दिया वो लंबे समय से पुलिस के लिए सिरदर्द बनी हुई थीं। इस गिरोह के शातिर भुपिंदर सिंह रावत व लाखन पर पहले भी चोरी व लड़ाई-झगड़े के कई मुकदमे दर्ज हैं। गिरोह का शातिर प्रदीप कुमार नशा सप्लाई करने का काम भी करता था। प्रदीप पहले भी पुलिस के हत्थे चढ़ चुका है। उसके खिलाफ एनडीपीएस के तहत केस दर्ज है। वह आरोपी चोरी के वाहनों का इस्तेमाल नशा सप्लाई करने के लिए करता था। गिरोह लूटे गए वाहनों के कीमती पार्ट निकाल कर बेच देता था और बाद में वाहन को सुनसान जगह पर फेंक देता था।