मोहाली। शहर के लोगों को अब अपने किरायेदारों या नौकरों की वेरिफिकेशन के लिए सांझ केंद्र या पुलिस थानों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। मात्र मोबाइल या कंप्यूटर पर जानकारी भरने के बाद एक क्लिक से लोगों का यह काम हो जाएगा। लोगों की सुविधा के लिए पुलिस की ओर से इसके लिए एक खास एप तैयार की गई है। इसका ट्रॉयल भी कामयाब रहा है। पुलिस की योजना है कि इसी महीने से इस एप को लांच कर दिया जाए। इससे लोगों के समय और पैसे दोनों की बचत होगी। एसएसपी मोहाली सतिंदर सिंह ने बताया कि इसी महीने प्रोजेक्ट को आम जनता को समर्पित कर दिया जाएगा।
जानकारी के मुुताबिक मोहाली जिले को वीआईपी जिला और एडवांस जिला माना जाता है। अधिकतर लोगों ने अपने घरों या दुकानों में नौकर रखे हुए हैं। लेकिन कई बार इनकी वेरिफिकेशन नहीं हो पाती है। इस चक्कर में उक्त लोग गलत फायदा उठा जाते हैं। इतना ही नहीं ऐसी गलती करने पर कई जगह तो मकान मालिकों पर केस तक दर्ज हुए हैं। कुछ समय पहले पुलिस ने यह महसूस किया था कि किरायेदारों और नौकरों के वेरिफिकेशन की फिजिकल प्रक्रिया कुछ लंबी है। इसलिए लोग थाने या सांझ केंद्रों में जाने से बचते हैं। इसी चीज को ध्यान में रखकर पुलिस ने उक्त स्पेशल एप तैयार की है। इसका खरड़ की नामी रिहायशी सोसायटीज में ट्रायल किया गया और यह ट्रायल पूरी तरह कामयाब रहा है।
ऐसे काम करेगी एप
जानकारी के मुुताबिक आम एप की तरह ही लोग इसे अपने मोबाइल पर अपलोड करेंगे। इसके बाद अपने किरायेदारों और नौकरों संबंधी पूरी जानकारी इसमें भरेंगे। इसमें नौकर या कर्मचारी का पहचान पत्र और आधार कार्ड का विवरण भरना बहुत जरूरी होगा। जैसे ही इसमें पूरी जानकारी भर दी जाएगी, उसके बाद सबमिट आप्शन पर जाकर क्लिक करके पुलिस को भेजनी होगी। इसके बाद पुलिस निर्धारित समय में इसकी वेरिफिकेशन करेगी और इसके बारे में आपको फोन पर ही सूचित कर दिया जाएगा।
लाखों लोगों को मिलेगा प्रोजेक्ट का लाभ
मोहाली पुलिस द्वारा बनाई इस स्पेशल एप का लोगों को काफी फायदा होगा। क्योंकि मोहाली जिले में तीन सब डिवीजन मोहाली, खरड़ और डेराबस्सी शामिल हैं। जिले की जनसंख्या करीब दस लाख है और इनमें बाहरी राज्यों के लोग नौकरी या पढ़ाई के चक्कर में आकर यहां पर किराए के कमरों में या पीजी में रह रहे हैं। वेरिफिकेशन प्रक्रिया आसान होने से यह काम काफी फायदेमंद साबित होगा। साथ ही अपराधी किस्म के लोगों पर आसानी से शिकंजा कसा जा सकेगा, क्योंकि पिछले समय में कई गैंगस्टर आदि भी जीरकपुर और खरड़ में बनी रिहायशी सोसायटीज से मिले हैं।