सुखवंत सिंह इन जाली दस्तावेजों की फाइल सत्यापन के लिए सिपाही राजिंदर सिंह को देता था। सिपाही राजिंदर सिंह इन जाली दस्तावेजों का सत्यापन कर आगे भेज देता था। इसके आधार पर जाली पासपोर्ट तैयार हो जाते थे। एसएसपी ने बताया कि रमन कुमार इस जाली पासपोर्ट धंधे का मुख्य सूत्रधार है। इस जाली पासपोर्ट बनाने वाले गिरोह के खिलाफ 28 अक्तूबर को थाना जीरकपुर में केस दर्ज किया गया था। एसएसपी के मुताबिक इस मामले में अभी और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। बता दें कि गैंगस्टर राजू बिसौदी चंडीगढ़ के प्रॉपर्टी डीलर सोनू शाह की हत्या का मुख्य आरोपी है।
यूं बना बिसौदी का पासपोर्ट
एसएसपी के अनुसार अभी तक की जांच में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बनाए गए 41 जाली पासपोर्ट का पता चला है। सोनीपत जिले के गांव पुरानी बिसौदी का रहने वाला राजकुमार उर्फ राजू बिसौदी कुख्यात अपराधी है। इस भगोड़े अपराधी की पुलिस को कई मामलों में तलाश है। इस रैकेट ने राजू बिसौदी का जाली पासपोर्ट बनाने के लिए उसे गुरबीर सिंह नाम से फर्जी पहचान दी। जीरकपुर वीआईपी रोड पर बलाकड़ी के निर्मल छाया में फ्लैट नंबर 337 टॉप फ्लोर के पते पर जाली दस्तावेज तैयार किए।
ढाई लाख के इनामी गैंगस्टर को हरियाणा एसटीएफ ने किया था गिरफ्तार
कुख्यात बदमाश राजू बिसौदी सोनीपत, गुरुग्राम, रोहतक पुलिस के साथ-साथ दिल्ली पुलिस के लिए सिरदर्द बन गया था। बिसौदी को फरवरी 2020 में स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) गुरुग्राम की टीम ने दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया था। ढाई लाख का इनामी राजू, लॉरेंस बिश्नोई, संपत नेहरा, अनिल छिप्पी जैसे गैंगस्टरों के साथ मिलकर काम कर रहा था। वह हत्या जैसे 13 संगीन अपराधों में शामिल है।