पंचकूला। अब सेक्टर-12, 12ए और सेक्टर-20 के लोगों को सेक्टर-20 और 21 सहित जीरकपुर जाने के लिए सेक्टर-21 के महेशपुर के रास्ते घूमकर नहीं जाना पड़ेगा। क्योंकि सेक्टर-12 और 12ए का यूटर्न व्हीकल अंडरपास बनकर तैयार हो गया है। इसे वाहनों के आवागमन के लिए खोल दिया गया है। वहीं जीरकपुर से सेक्टर-20 के लिए आने वाला ट्रैफिक भी इसी व्हीकल अंडरपास के रास्ते सेक्टर में दाखिल हो जाएगा। जबकि सेक्टर-20 और 21 के बीच व्हीकल अंडरपास स्लैब बनाने की तैयारी चल रही है। इसे अगस्त तक पूरा कर लिया जाएगा। इस अंडरपास के खुलने से सेक्टर-20 और 21 की राह और आसान हो जाएगी। अभी लोगों को सेक्टर-3 और 20 के रास्ते जाना पड़ता है। इन दोनों व्हीकल अंडरपास को 40 करोड़ की लागत से तैयार किया गया है। एक व्हीकल अंडरपास 23 मीटर चौड़ा और 60 मीटर लंबा है। इसकी प्रत्येक लेन साढ़े 11 मीटर की है। इसकी मजबूती के लिए चार पिलर बनाए गए। यह दोनों अंडरपास एक दूसरे से जुड़ेंगे। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने दोनों अंडरपास के निर्माण की जिम्मेदारी कृष्णा कंस्ट्रक्शन कंपनी को दी है।
घग्गर पार के सेक्टरों की कनेक्टिविटी भी होगी बेहतर
सेक्टर-20 और 21 व्हीकल अंडरपास का काम पूरा होते ही घग्गर पार के सेक्टरों सहित रामगढ़ की कनेक्टिविटी बेहतर हो जाएगी। घग्गर पार के लोगों को सेक्टर-12, 12, 20, 21 में आने के लिए डंपिंग ग्राउंड के रास्ते नहीं आना पड़ेगा। वे सीधा सेक्टर-25 और 26 पर 50 करोड़ की लागत से बन रहे पुल के रास्ते सेक्टर 20 और 21 में दाखिल होकर सेक्टर-12 और 12 ए के व्हीकल अंडरपास के रास्ते आसानी से पंचकूला के सेक्टरों में पहुंच जाएंगे।
पंचकूला सेक्टर-20 फ्लाईओवर का काम पूरा होने में लगेंगे तीन माह
पंचकूला सेक्टर-20 का फ्लाईओवर तोड़कर नए सिरे से बनाया जा रहा है। इसे पूरा होने में अभी तीन माह का समय लगेगा। अभी फ्लाईओवर के ऊपर से आवागमन बंद है। सेक्टर-12ए और सेक्टर-20 अंडरपास वाले मार्ग पर ड्रेनेज और सड़क को चौड़ा करने का काम पूरा कर लिया गया है। अब फ्लाईओवर के ऊपर मिट्टी भरने से लेकर स्लैब लगाने काम चल रहा है, जिसके चलते सेक्टर-20 का अंडरपास बंद है।
सेक्टर-12 और 12ए का व्हीकल अंडरपास का पूरा हो गया है। इसे वाहन चालकों के आवागमन लिए खोल दिया गया है। वहीं सेक्टर-20 और 21 व्हीकल अंडरपास का काम अगस्त तक पूरा कर लिया जाएगा। इसके अलावा सेक्टर-20 फ्लाईओवर का काम पूरा होने में अभी तीन माह का समय लगेगा। - कुलदीप परमार, डिप्टी प्रोजेक्ट मैनेजर, कृष्णा कंस्ट्रक्शन