मोहाली। जुझार नगर में पानी के हजारों रुपये के बिलों को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। करीब 500 परिवारों को चार से सात हजार रुपये तक के बिल भेजे गए हैं। बिल जमा न करने पर कनेक्शन काटने की चेतावनी से ग्रामीणों में आक्रोश है। कांग्रेस के पूर्व मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने आम आदमी पार्टी के विधायक कुलवंत सिंह और सरपंच इकबाल सिंह चिट्टा पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
पूर्व मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने आरोप लगाया कि गांव में पंचायत विधायक की शह पर काम कर रही है। उन्होंने सरपंच इकबाल सिंह चिट्टा के खिलाफ विजिलेंस जांच की मांग की है। पंचायत की कमेटी ने लोगों को तीन महीने के पानी के बिल भेजे हैं। कई बिल हजारों रुपये के हैं। उन्होंने कहा कि बिलों की वसूली सरपंच के पारिवारिक सदस्य कर रहे हैं। भुगतान न करने पर कनेक्शन काटने की चेतावनी दी जा रही है। सिद्धू ने यह भी आरोप लगाया कि कनेक्शन काटने के बाद उसे दोबारा जोड़ने के लिए भी हजारों रुपये मांगे जा रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब पानी की सप्लाई का प्रबंध दो महीने पहले ही पंचायत को सौंपा गया तो तीन महीने के बिल कैसे बने। सिद्धू ने सरकार से पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है। उन्होंने बिलों का हिसाब सार्वजनिक करने को कहा है। साथ ही कलेक्शन की प्रक्रिया की भी जांच होनी चाहिए। सिद्धू ने कहा कि जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि बिल किस नियम और आधार पर लगाए गए। यह भी पता चलेगा कि वसूली की रकम कहां जमा हो रही है।
सरपंच का आरोपों से इन्कार
जुझार नगर के सरपंच इकबाल सिंह ने सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया है। उन्होंने कहा कि चुनाव नजदीक होने के कारण विरोधी पक्ष झूठे आरोप लगा रहा है। सरपंच ने स्पष्ट किया कि पानी और सीवरेज से संबंधित सभी काम नियमों के अनुसार किए जा रहे हैं। उन्होंने पानी के नए कनेक्शन के लिए 25 हजार रुपये और सीवरेज कनेक्शन के लिए 20 हजार रुपये लेने के आरोपों को भी झूठा बताया।
बकाया बिल और समाधान
इकबाल सिंह ने बताया कि गांव का करीब आधा हिस्सा पानी का बिल दे रहा है। आधे लोगों की ओर बिल बकाया है। बकाया राशि वाले उपभोक्ताओं को ही नोटिस भेजे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति ने पहले ही बिल का भुगतान किया है तो वह प्रमाण प्रस्तुत कर सकता है। ऐसे में उसका बकाया बिल माफ कर दिया जाएगा।