मोहाली। सेक्टर 108 की रेजिडेंट्स वेलफेयर सोसाइटी (आरडब्लूएस) ने रियल एस्टेट डेवलपर एमार इंडिया लिमिटेड पर पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय और गमाडा के निर्देशों की जानबूझकर अवहेलना करने का आरोप लगाया है। सोसाइटी का कहना है कि कंपनी सेक्टर के भीतर सार्वजनिक भूमि, सड़कों के किनारों (बर्म) और यूटिलिटी कॉरिडोर से अवैध कब्जे हटाने में पूरी तरह विफल रही है। आरडब्लूएस के अनुसार, उच्च न्यायालय ने नागरिक एजेंसियों को सार्वजनिक स्थानों से अनधिकृत निर्माण हटाने और योजना कानूनों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं। गमाडा द्वारा एमार को अतिक्रमण हटाने की लिखित अनुमति दिए जाने के बावजूद डेवलपर ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है। निवासियों का आरोप है कि यह न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि न्यायिक आदेशों की भी सीधी अवमानना है। रेजीडेंट्स वेलफेयर सोसाइटी ने प्रशासन से मांग की है कि सभी अतिक्रमणों को तुरंत हटाया जाए और अदालती निर्देशों की अनदेखी के लिए एमार के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि भविष्य में किसी भी हादसे को रोकने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की व्यक्तिगत जवाबदेही तय होनी चाहिए।
पुलिस सुरक्षा जरूरी, कई जगह नागरिकों का विरोध होता है
कॉर्नर मकानों द्वारा की गई फेंसिंग और बनाए गए ढांचे को कंपनी पूरी तरह अवैध अतिक्रमण मानती है। गमाडा के साथ समन्वय बनाकर कार्रवाई की प्रक्रिया चलाई जाएगी और इस संबंध में नोटिफिकेशन भी मिल चुका है। शहर में अतिक्रमण हटाने की ड्राइव जारी है, लेकिन तय प्रक्रिया के तहत पुलिस प्रोटेक्शन जरूरी है, क्योंकि कई जगह नागरिकों का विरोध सामने आ रहा है। जहां भी पानी, सीवर या बिजली की लाइनों तक पहुंच में दिक्कत की सूचना मिलती है, वहां तुरंत कार्रवाई की जाती है। एमार कानून के तहत गमाडा और आरडब्लूएस के साथ मिलकर आगे भी जरूरी कदम उठाएगा और लोगों को लगातार एडवाइजरी जारी कर अवेयर किया जा रहा है। - अक्षय शर्मा, मेंटेनेंस मैनेजर, एमार इंडिया लिमिटेड