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नए कृषि कानूनों के खिलाफ दो घंटे हाईवे जाम

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हाईवे जाम कर हरियाणा सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते लोग। - फोटो : MOHALI
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लालड़ू। केंद्र सरकार की ओर से बनाए गए कृषि कानूनों और हरियाणा में किसानों पर हुए लाठीचार्ज के खिलाफ किसान संगठनों ने शुक्रवार को अंबाला-चंडीगढ़ हाईवे पर लालड़ू मंडी के नजदीक करीब दो घंटे हाईवे जाम कर रोष प्रदर्शन किया। इस मौके पर किसानों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित हरियाणा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उधर, लालड़ू के रेलवे स्टेशन के ट्रैक पर भी किसान टेंट लगाकर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हुए हैं।
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इस आंदोलन के 9वें दिन भारतीय किसान एकता सिद्धूपुर के ब्लॉक प्रधान जसवंत सिंह कुरली, भारतीय किसान यूनियन कादियां जिला मोहाली के प्रधान राजिंदर सिंह ढौला और भारतीय किसान यूनियन लक्खोवाल के जिला मोहाली के उपप्रधान मनप्रीत सिंह अमलाला, ब्लॉक प्रधान कर्म सिंह सहित अन्य नेताओं के नेतृत्व में दोपहर 12 से 2 बजे तक हाईवे पर जाम लगा दिया। इससे पहले किसानों ने शहर के बाजार में काले झंडे लेकर भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए रोष रैली निकाली। इस मौके पर प्रवक्ताओं ने कहा कि मोदी सरकार देश के बड़े घरानों का मोह त्याग कर लोक विरोधी काले कानून वापस ले। इस मौके पर पिछले दिनों हरियाणा में किसानों पर हुए लाठीचार्ज का विरोध किया गया और हरियाणा के डिप्टी मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के इस्तीफे की मांग की।
उन्होंने कहा कि इन कानूनों के लागू होने से न केवल किसान, बल्कि आढ़ती, मुनीम, पल्लेदार और कृषि से जुड़ छोटे व्यापारी पूरी तरह बर्बाद हो जाएंगे। किसानों की फसलों को मनमर्जी के भाव लूटने की बड़े व्यापारियों को छूट मिलेगी और सरकारी मंडियां भी खत्म हो जाएंगी। उन्होंने कहा कि जब तक केंद्र सरकार की ओर से यह काला कानून वापस नहीं लिया जाता तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
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वहीं, किसानों के इस आंदोलन में शुक्रवार को कांग्रेस पार्टी के जिला इंचार्ज दीपेंद्र सिंह ढिल्लों के पुत्र उदयबीर ढिल्लों, शिरोमणि कमेटी मेंबर निरमैल सिंह जौलाकलां, आम आदमी पार्टी के नेता कुलजीत सिंह रंधावा और नवजोत सैनी, पंजाबी गायक जस बाजवा, लोक भलाई संस्था के प्रधान हरविन्द्र सिंह झरमड़ी, बुधराम धीमान, ओमबीर राणा, अमरीक सिंह मलकपुर सहित स्थानीय अलग-अलग अन्य जत्थेबंदियों और काफी सख्यां में किसानों ने भी हिस्सा लिया। इस मौके पर सुरक्षा के लिहाज से भारी संख्या में पुलिस बल तैनात था। इस धरने की वजह से कई जगह से यातायात को विभाजित किया गया था।
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