मोहाली। एनडीपीएस मामले की सुनवाई स्पेशल अदालत में हुई। इस मामले में नामजद आरोपी प्रवेश कश्यप को एनडीपीएस अधिनियम की धारा-15 और गुरदेव सिंह को एनडीपीसी अधिनियम की धारा 29 के तहत दोषी ठहराया गया है। पुलिस ने दोनों को आठ किलो चूरापोस्त के साथ गिरफ्तार किया था। दोषियों ने दलील दी थी वे अपने परिवार के एकमात्र कमाने वाले हैं और इसलिए नरम रुख अपनाया जाए। अदालत ने कहा कि दोषी परवेश कश्यप तस्कर तो नहीं पर वह नशे का आदी है। उसे जेल भेजा तो परिवार परेशान होगा। दोनों 1 जून 2023 से ट्रायल पर चल रहे हैं। अदालत ने दलीलें सुनने के बाद परवेश कश्यप को 42 दिन की सजा सुना 500 रुपये जुर्माना लगाया है। वहीं दोषी गुरदेव सिंह को 14 दिन की कठोर कारावास और 1000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
बता दें कि 1 जून 2023 को एएसआई परमजीत सिंह के नेतृत्व में पुलिस पार्टी बस स्टैंड जवाहरपुर अंबाला-चंडीगढ़ हाईवे के पास गश्त पर थी। तभी एएसआई तरसेम सिंह के माध्यम से थाने में सूचना भेजी गई और नाकाबंदी कर परवेश कश्यप को हिरासत में लेकर उसके बैग से चूरापोस्त बरामद किया था। इसके बाद उसकी निशानदेही पर उसके साथी गुरदेव सिंह को भी गिरफ्तार किया था।