मोहाली। पुलिस ने लग्जरी कार चोर गिरोह के दो शातिरों को को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही चोरी की गई 9 लग्जरी गाड़ियां बरामद की गई हैं। आरोपी अब तक 400 से अधिक कारों को बॉर्डर पार करवाकर दूसरे देशों में बेच चुके हैं। गिरफ्तार शातिरों की पहचान रमेश निवासी गांव सिसर खास जिला रोहतक, हरियाणा और अमित निवासी वार्ड नंबर-5 जिला रोहतक, हरियाणा के रूप में हुई है। जबकि अमित इस गिरोह का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है और वहीं चोरी की योजना बनाता था। शातिर अमित को पुलिस ने गुप्त सूचना पर उस समय गिरफ्तार किया है जब वह इंदरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट दिल्ली से विदेश भागने की फिराक में था। पुलिस ने पहले रमेश को गिरफ्तार किया था और इसकी निशानदेही पर अमित को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के खिलाफ सोहाना थाने में बीएनएस की धारा 303(2), 317 (2), 318 (4), 336 (2), 336(3), 338, 340 (2), 61 (2) के तहत मामला दर्ज किया गया है। आरोपियों से कुल 9 कारें बरामद हुई हैं और इनमें 5 फाॅरच्यूनर, 2 इनोवा क्रिस्टा, 1 क्रेटा और 1 ब्रेजा कार शामिल है।
मास्टरमाइंड अमित से पूछताछ में सामने आया है कि इस गिरोह मुख्य हैंडलर खिहोतो अचोमी है जो दीमापुर नागालैंड का रहने वाला है। वही सारी चोरी की कारों को आगे बेचता था। वह लंबे समय से उसके संपर्क में है। उसने अब तक 400 से अधिक कारों को बॉर्डर पार करवाकर दूसरे देशों में बेच दिया है। इन कारों को भूटान समेत अन्य पड़ोसी राज्यों में बेचा गया है। अभी तक किसी सरकारी अधिकारी की भूमिका सामने नहीं आई है। एसएसपी डॉ संदीप गर्ग ने बताया कि यह गिरोह पिछले 14-15 साल से पूरे देश में सक्रिय है। मोहाली पुलिस ने 400 में से करीब 77 कार की पहचान कर ली है। इनमें से 9 लग्जरी गाड़ियों को भी बरामद कर लिया है। पुलिस ने उन लोगों की भी पहचान कर ली है जो चोरी की गई गाड़ी पर एक्सीडेंट गाड़ी के इंजन और चेसिज नंबर लगाते थे।
इस तरह बेचते थे कार
पंजाब की मोहाली पुलिस ने एक इंटरनेशनल लग्जरी कार चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है। गिरोह अब तक 400 से अधिक चोरी की गाड़ियां देश-विदेश में बेच चुका है। यह गिरोह इतना शातिर था कि पहले एक्सिडेंट टोटल लॉस कार खरीदकर उनके डॉक्यूमेंट अपने पास रख लेता थे। फिर एक्सीडेंटल गाड़ियों को डिसमेंटल कर उनके डॉक्यूमेंट वाली सेम लग्जरी कार चुराते थे। उन पर डिसमेंटल की गई गाड़ियों के चेसिज इंजन नंबर टेंपर कर देते थे। इसके बाद इन कारों को नॉर्थ ईस्ट स्टेट व साथ लगते पड़ोसी देशों में अपने ग्राहकों को बेच देते थे। पुलिस ने कार चोरी से जुड़े मामले में कुछ दिन पहले रमेश को काबू किया था। जब उससे पूछताछ की गई तो उसके इस गिरोह में शामिल मास्टरमाइंड अमित के बारे में पता चला।