मोहाली। डकैती, ड्रग तस्करी और अवैध हथियारों के व्यापार से जुड़े एक मामले की सुनवाई जिला अदालत में हुई। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कुछ आरोपियों को बरी तो कुछ को अवैध हथियार रखने के आरोप में सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी करणबीर सिंह उर्फ काना को मादक पदार्थों की तस्करी के आरोपों से बरी कर दिया गया है, लेकिन उसे शस्त्र अधिनियम के तहत दोषी ठहराया और तीन साल के कठोर कारावास की सजा और 10 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। आरोपी भरत कुमार को शस्त्र अधिनियम और जाली दस्तावेज़ बनाने से संबंधित आरोपों में दोषी ठहराया गया है। उसे कठोर कारावास की सजा सुनाई गई है, जो एक साथ चलेंगी और जुर्माना भी लगाया गया है। अमृतपाल सिंह, सुमित कुमार और अमितोज सिंह उर्फ रिक्की इन सभी आरोपियों को सभी आरोपों से बरी कर दिया गया है। अदालत ने दो अन्य आरोपियों रविंदरपाल सिंह और हरमनजीत सिंह को भगोड़ा घोषित करार दिया है, जबकि गुरजशनप्रीत सिंह, विजय उर्फ गवी और सैमुअल का मामला अलग रखा गया है। इन सभी की गिरफ्तारी और अदालत में पेशी के बाद ही इनका मुकदमा शुरू होगा। मामले के मुख्य तथ्यों के अनुसार 17 अप्रैल 2021 को सदर कुराली थाने को एक गोपनीय सूचना मिली थी कि हाईवे पर डकैती, जबरन वसूली और ड्रग तस्करी में एक गिरोह सक्रिय है। इस गिरोह के सदस्यों पर यूपी और बिहार से हथियार लाकर पंजाब के गैंगस्टरों को सप्लाई करने का भी आरोप था। इसी सूचना के आधार मामला दर्ज किया गया था। पुलिस ने इस मामले में कई आरोपियों को गिरफ्तार किया था और उनके पास से भारी मात्रा में हथियार, नशीले पदार्थ और जाली दस्तावेज बरामद किए थे।