मोहाली। जिला अदालत में एक नशा तस्कर ने अपनी पत्नी की गर्भावस्था की दलील देकर जमानत याचिका लगाई थी। अदालत ने जुर्म के दौरान भी पत्नी के गर्भवती होने का हवाला देते हुए आरोपी की जमानत याचिका रद्द कर दी है। आरोपी की पहचान सुल्तान अली (28) निवासी सिरमौर, हिमाचल प्रदेश के रूप में हुई है।
जानकारी के मुताबिक कुराली पुलिस के एएसआई रूपेश सिंह टमी के साथ 30 अप्रैल को बाईपास के पास गश्त कर रहे थे। तभी उन्हें नशा तस्करों के बारे में जानकारी मिली। उन्होंने एक कार को रोका और चेकिंग की तो उसे सुल्तान अली नाक व्यक्ति चला रहा था, जबकि मुनीश उसके साथ बैठा था। कार की तलाशी लेने पर दो बैग कार से और दो बैग कार की डिग्गी से बरामद हुए थे। इन चारों बैग से 100 किलो चूरापोस्त (भुक्की) बरामद हुई थी। आरोपी के वकील ने जमानत याचिका में दलील देते हुए कहा कि आरोपी को गलत तरीके से फंसाया गया है। इस पर अदालत ने दलील दी कि आरोपी के कब्जे से 100 किलो भुक्की बरामद हुई है जोकि बहुत अधिक मात्रा है। जिस समय आरोपी को गिरफ्तार किया गया था। उस समय भी उसकी पत्नी गर्भवती थी। ऐसे में उसको जुर्म करते समय यह सोचना चाहिए था कि उसकी पत्नी गर्भवती है। इस आधार पर आरोपी को जमानत नहीं दी जा सकती।