सॉफ्टवेयर इंजीनियर सतवीर सिंह परिवार के साथ ग्लोबल सिटी में रहता था। उसका छोटा भाई लखवीर कोई काम नहीं करता था। वह हमेशा ही घर से पैसे मांगकर बाहर खर्च करता रहता था। पैसे नहीं मिलने पर उसने भाई-भाभी की हत्या की और उनके शवों के साथ ही मासूम भतीजे को जिंदा नहर में फेंक दिया।
खरड़ के झुग्गियां रोड पर गांव हरलालुपर में ग्लोबल सिटी में हुए तिहरे हत्याकांड के आरोपी लखवीर सिंह लक्खा को पुलिस ने शुक्रवार को अदालत में पेश किया। अदालत ने उसे छह दिन का रिमांड दिया है। वहीं कत्ल में शामिल लक्खा के दोस्त गुरप्रीत सिंह उर्फ राम सरूप की तलाश जारी है। पुलिस को अमनप्रीत कौर की लाश मोरिंडा के कजौली वाटर वर्क्स से गुरुवार को और बेटे अनहद का शव शुक्रवार को खनौरी झाल से मिला। सतवीर की तलाश जारी है।
जानकारी के अनुसार, सॉफ्टवेयर इंजीनियर सतवीर सिंह परिवार के साथ ग्लोबल सिटी में रहता था। उसका छोटा भाई लखवीर कोई काम नहीं करता था। वह हमेशा ही घर से पैसे मांगकर बाहर खर्च करता रहता था। उसकी फिजूलखर्ची से सतवीर और उसकी पत्नी अमनप्रीत कौर परेशान थे। कई बार इस बात को लेकर उनमें बहस हुई थी। वह इस बात से जलता था कि उसका बड़ा भाई पैसा होने के बावजूद उसे खर्च करने के लिए नहीं दे रहा था। इसके बाद उसने भाई-भाभी की हत्या करने की साजिश रची और इसके लिए उसने घर में लगे कैमरों का डीवीआर हटा दिया ताकि उसमें कोई रिकॉर्डिंग न हो।
भाभी के पैसे देने से रोकटोक से चिढ़ता था आरोपी
सूत्रों से पता चला है कि आरोपी पैसे को नशे में भी उड़ाता था। भाई की शादी से पहले उसे पैसे मिल जाते थे लेकिन भाई की शादी के बाद भाभी ने घर में रोकटोक शुरू कर दी थी। वह उसे भी काम करने के लिए कहती थी और वह इस बात से खफा था कि भाभी के आने के बाद भाई ने उसे पैसे देना बंद कर दिया। इसके बाद उसने पहले घर में भाभी का गला दबाया जिससे वह बेहोश हो गई और फिर पंखे से उसे लटका दिया जिससे उसकी मौत हो गई। इसके बाद इसका भाई काम से रात करीब साढ़े दस बजे लौटा तो उसके दोस्त ने फावड़ा मार दिया और फिर घर के अंदर ले जाकर उसे मार दिया।
सतवीर का शव मिलने के बाद होगा तीनों का अंतिम संस्कार
मृतक अमनदीप कौर के भाई बेअंत सिंह ने कहा कि उन्होंने अपने पूरे परिवार की तस्वीरें गोताखोरों को भेजी थीं। उन्हें खनौरी झाल से फोन आया कि एक बच्चे का शव मिला है। परिजनों ने जाकर उसकी पहचान की। परिवार ने फैसला किया है कि सतवीर सिंह के शव का जब तक पता नहीं चलता तब तक वह किसी का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे।
आरोपियों ने सब सोची-समझी साजिश के तहत किया है। जब सतवीर सिंह और अमनदीप कौर की मौत हो गई तो सबूत मिटाने के इरादे से उन्होंने भाखड़ा नहर रोपड़ में शव फेंक दिए। वहीं उनके दो साल के बच्चे अनहद सिंह को भी जिंदा नहर में फेंक दिया। दूसरे आरोपी राम सरूप की गिरफ्तारी के लिए पुलिस दबिश दे रही है। जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर मामले को सुलझा लिया जाएगा। -करण सिंह संधू, डीएसपी खरड़-1