जीरकपुर। 108 एंबुलेंस के कर्मचारी मांगों को लेकर लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं। 16 नवंबर से वह अलग-अलग जगह भूख हड़ताल पर बैठे हैं। मांगों को लेकर 108 एंबुलेंस के मुलाजिम सोमवार को ढकोली अस्पताल में 11 बजे हड़ताल शुरू कर देंगे। यह जानकारी 108 एमरजेंसी सेवाएं पंजाब इंप्लाइज यूनियन पंजाब के प्रधान गुरप्रीत सिंह ने दी। यह भी बताया कि एमरजेंसी सेवाएं किसी भी कीमत पर नहीं रोकी जाएंगी ताकि लोगों को बिना वजह परेशान न होना पड़े। उनका मकसद सरकार के कानों तक अपनी आवाज पहुंचना है ताकि सरकार जल्द उनकी मांगों को पूरा करवा सके। उन्होंने बताया कि 16 नवंबर से कलम छोड़ हड़ताल चल रही है। इसका मुख्य उद्देश्य 108 एंबुलेंस चलाने वाली कंपनी जकितित्सा हेल्थ केयर द्वारा की जा रही मनमर्जी है। कई सालों से टेंडर एक ही कंपनी के पास होने के कारण वह पंजाब के मुलाजिमों के साथ धोखा कर रही है। कंपनी ने 2011 से लेकर अब तक वेतन नहीं बढ़ाया है। इसके अलावा पिछली बार हुई हड़ताल के बाद जनवरी में हरेक मुलाजिम को पांच हजार रुपये वेतन बढ़ाकर देने का फैसला किया था जो उन्होंने अभी तक नहीं दिया है। 2014 से कंपनी द्वारा इंक्रीमेंट नहीं लगाया जा रहा है। कंपनी की ओर से उनकी आवाज को दबाने के लिए उनकी दूर-दूर ट्रांसफर कर दी जाती है। उन्होंने कहा कि हमारी मांग यह है कि लाडोवाल हड़ताल के दौरान हमारा काटा वेतन जारी किया जाए। इसके अलावा उनकी अन्य मांगों की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा।
ड्राइवर की हालत बिगड़ी, सड़क पर रोकनी पड़ी एंबुलेंस
मांगों को लेकर एंबुलेंस के मुलाजिम हड़ताल पर चल रहे हैं। लोगों को परेशानी न हो इसलिए वह जरूरी सेवाओं को पूरा कर रहे हैं। रविवार को एंबुलेंस चलाते हुए तेजिंदर नामक पायलट की अचानक तबीयत खराब हो गई। उसे दूसरे ड्राइवर की मदद से डेराबस्सी अस्पताल में उपचार के लिए दाखिल करवाया गया। यूनियन के प्रधान गुरप्रीत सिंह ने बताया कि तेजिंदर पिछले तीन दिन से भूख हड़ताल पर था। उसने कुछ नहीं खाया था जिस कारण कल भी उसकी हालत बिगड़ गई थी। रविवार को वह जब मनीमाजरा से एंबुलेंस ठीक करवाकर आ रहा था तो बलटाना लाइट प्वाइंट से पीछे फ्लाईओवर के नजदीक उसकी हालत अचानक खराब हो गई। इसका पता चलने पर तुरंत दूसरे ड्राइवर को डेराबस्सी से बुलाकर उसे अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती करवाया गया।