फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Mohali: युद्ध छेड़ने की साजिश रची, आतंकी मूसा के चचेरे भाई समेत तीन कश्मीरी छात्रों को 10-10 साल कैद

Thu, 04 Jun 2026 04:16 PM IST
Nivedita संवाद न्यूज एजेंसी, मोहाली

सार

दोषियों पर प्रतिबंधित आतंकी संगठन अंसार गजवत-उल-हिंद (एजीएच) के लिए हथियार व विस्फोटक जुटाने का आरोप था। कोर्ट ने जाहिद गुलजार, मोहम्मद इदरीश शाह और यासिर रफीक भट्ट को सजा सुनाई।
विज्ञापन
court room - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मोहाली स्थित राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की विशेष अदालत ने प्रतिबंधित आतंकी संगठन अंसार गजवत-उल-हिंद (एजीएच) से जुड़े तीन कश्मीरी छात्रों को देश विरोधी साजिश रचने, गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए), आम्र्स एक्ट और एक्सप्लोसिव एक्ट के तहत दोषी ठहराते हुए 10-10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। दोषियों में कुख्यात आतंकी जाकिर मूसा का चचेरा भाई यासिर रफीक भट भी शामिल है।
विज्ञापन


अदालत ने 1 जून को तीनों आरोपियों को दोषी करार दिया था, जबकि हाल ही में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेशी के दौरान उन्हें सजा सुनाई गई। दोषियों की पहचान अवंतीपोरा निवासी जाहिद गुलजार, त्राल निवासी यासिर रफीक भट और पुलवामा निवासी मोहम्मद इदरीस शाह के रूप में हुई है। तीनों फिलहाल जेल में बंद हैं। मामले में आरोपी बनाए गए सुहैल अहमद भट को अदालत पहले ही साक्ष्यों के अभाव में बरी कर चुकी है।

मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 62 गवाहों के बयान दर्ज कराए। हालांकि कुछ गवाह अपने बयानों से मुकर गए, लेकिन अदालत ने उपलब्ध वैज्ञानिक और डिजिटल साक्ष्यों को पर्याप्त मानते हुए आरोपियों की दलीलों को खारिज कर दिया। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि तीनों आरोपी प्रतिबंधित आतंकी संगठन के सक्रिय सदस्य थे और लोकतांत्रिक व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से हथियार एवं विस्फोटक एकत्र कर रहे थे।

2018 में सामने आया था मामला

यह मामला वर्ष 2018 में उस समय सामने आया था, जब जालंधर स्थित सीटी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी के हॉस्टल में रहने वाले कुछ छात्रों के आतंकी गतिविधियों से जुड़े होने की सूचना पुलिस को मिली थी। 10 अक्टूबर 2018 को पुलिस ने हॉस्टल के एक कमरे में छापेमारी कर तीनों छात्रों को गिरफ्तार किया था। छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक एके-47 राइफल, .30 बोर माउजर पिस्तौल, बड़ी मात्रा में कारतूस तथा करीब एक किलोग्राम विस्फोटक पाउडर बरामद किया था। प्रारंभिक जांच में उनके प्रतिबंधित आतंकी संगठन अंसार गजवत-उल-हिंद से जुड़े होने के संकेत मिलने पर मामला एनआईए को सौंप दिया गया था।
विज्ञापन


एनआईए की जांच में खुलासा हुआ कि आतंकी संगठन पंजाब में पढ़ रहे कश्मीरी छात्रों का इस्तेमाल कर देश के विभिन्न हिस्सों में आतंकी गतिविधियों और हमलों की साजिश रच रहा था। जांच एजेंसी ने मोबाइल फोन से प्राप्त डिजिटल साक्ष्यों, फॉरेंसिक रिपोर्ट, टेलीग्राम चैट्स और अन्य वैज्ञानिक प्रमाणों को अदालत में पेश किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें