मोहाली। कच्चे अध्यापकों के प्रदर्शन में कोरोना गाइडलाइन की धज्जियां तो उड़ी हीं, आम लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं, करीब चार हजार कर्मचारी कार्यालय में बंधक बने रहे और बाहर नहीं निकल सके। पुलिस बल भी प्रदर्शनकारियों को शांत नहीं कर पाया। सात अध्यापक आत्महत्या की धमकी के साथ पिछले 10 घंटों से ज्यादा समय से शिक्षा विभाग की छत पर डटे हुए हैं।
पंजाब शिक्षा विभाग के तहत पांच श्रेणी में काम रहे राज्य के करीब 13 हजार अस्थायी अध्यापक अब सरकार के खिलाफ आरपार का मोर्चा खोल कर बैठ गए हैं। इनका नेतृत्व कर रहे दविंदर सिंह मुक्तसर का कहना है कि सरकार ने वादा खिलाफी की है। ये लोग कहते हैं कि पिछले विधान सभा चुनावों से पहले कैैप्टन अमरिंदर सिंह ने वादा किया था कि सरकार बनतेे ही उन्हें स्थायी किया जाएगा। अब सरकार का कार्यकाल भी पूरा होने को है, लेकिन मुख्यमंत्री ने अपना वादा पूरा नहीं किया। इनका कहना है कि लगातार हुई बैठकों में भी सरकार ने सिर्फ आश्वासन ही दिया, अब बैैठक तक करने को तैयार नहीं हैं।
इसके साथ ही प्रदर्शनकारियों को विपक्ष के समर्थन से भी कोई एतराज नहीं है। हालांकि प्रदर्शनकारियों की अगुवाई करने वालों का यह कहना था कि प्रदर्शन अध्यापकों का है और वो किसी सियासी दल को आमंत्रित नहीं कर रहे, अगर किसी को समर्थन देना है तो दे सकता है। पंजाब शिक्षा बोर्ड के कार्यालय परिसर में ही शिक्षा विभाग का दफ्तर है। सुबह साढ़े दस बजे पूरे परिसर को घेर लिया गया। जिसके बाद न तो कोई इस परिसर में दाखिल हो पाया और न ही रात 8 बजे तक बाहर निकल पाया। ऐसे में सबसे ज्यादा परेशानी उन लोगों को हुई, जो राज्य के विभिन्न हिस्सों से बोर्ड और शिक्षा विभाग में अपने निजी कामों के लिए आए हुए थे।
बता दें कि रोजाना हजारों की गिनती में राज्य से लोग इन कार्यालयों में अपने काम के लिए आते हैं। वहीं, प्रदर्शनकारियों ने भी सियासी दलों की तर्ज पर कोरोना गाइडलान का उल्लंघन किया।
दिन भर की कवायद के बाद देर शाम प्रदर्शनकारियों को मुख्यमंत्री के सचिव कैप्टन संदीप संधू से बातचीत के लिए राजी किया गया। रात करीब 8 बजे प्रदर्शनकारी अध्यापकों के पांच नुमाइंदे बातचीत के लिए रवाना हुए। कैप्टन संदीप संधू बुधवार को लुधियाना में थे। देर शाम वह लुधियाना से रवाना हुए और प्रदर्शनकारियों के नुमाइंदे मोहाली से, लिहाजा इनकी बैठक रास्ते में करवाना तय हुआ।
इसके बाद रात 8 बजे पहले पंजाब शिक्षा बोर्ड से कर्मचारियों को बाहर निकाला गया, तब कहीं जाकर शिक्षा विभाग के कर्मचारी बाहर निकल पाए। शिक्षा विभाग की छत पर पैट्रोल और सल्फास की गोलियां लेकर आत्महत्या की धमकी के साथ चढ़ेे सात अध्यापक देर रात तक वहीं डटे हुए थे। सुबह जहरीला पदार्थ निगलने वाली अध्यापिका राजविंदर कौर की हालत देर रात तक गंभीर बनी हुई थी। समाचार लिखे जाने तक प्रदर्शनकारियों और कैप्टन संदीप संधू के बीच बातचीत जारी थी।