यूपी पुलिस की ली जा रही मदद
संवाद न्यूज एजेंसी
मोहाली। नकली दवाओं का कारोबार करने वाले तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने इस मामले में पिंजौर के रहने वाले पंजाबी गायक छिंदा सिंह, गांव सूरजपुर के रहने वाले हरप्रीत सिंह, गांव निरजापुर के रहने वाले सुमित कुमार को गिरफ्तार किया था। छिंदा ही इस गिरोह का किंगपिन था। आरोपियों के तार यूपी से जुड़े होने के कारण पुलिस पूछताछ के बाद उन्हें लखनऊ, यूपी लेकर गई थी। सूत्रों से पता चला है कि जिन्हें आरोपी नकली दवाएं बेचते थे वह पुलिस के छापे से पहले फरार हो गए। फिलहाल पुलिस खाली हाथ लौट आई है। पुलिस आरोपियों को पकड़ने के लिए यूपी पुलिस से संपर्क कर उनकी मदद ले रही है। पुलिस ने तीनों आरोपयों से रिमांड में वीआईपी नंबर की तीन लग्जरी गाड़ियां बरामद की थीं। इनसे दो फॉर्च्यूनर और एक टॉप मॉडल स्कार्पियो कार बरामद हुई थी। जिसे केस प्रॉपर्टी बनाया गया है।
पुलिस ने वह फैक्टरी सील कर दी है, जहां नकली दवाएं बनाई जा रही थीं। आरोपी नकली दवाइयों पर नामी कंपनियों का ट्रेड मार्क लगाकर उसे आगे बेचते थे। फैैक्टरी के बाहर किसी तरह का कोई कंपनी बोर्ड नहीं लगा था। जैसे ही नकली दवाओं का स्टॉक तैयार होता तो आरोपी उसे दिल्ली व यूपी में बेच देते थे। आरोपी छिंदा ने फार्मेसी की थी और वह पहले बद्दी में फार्मा कंपनी में जॉब करता था। उसे दवाओं की नॉलेज थी।
बता दें कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि एमके पार्क तंगोरी में कुछ लोग नकली दवाएं बनाकर बेचने का कारोबार करते हैं। आईटी सिटी पुलिस के एसएचओ सिमरजीत सिंह शेरगिल ने पुलिस टीम के साथ पार्क के प्लॉट नंबर- 597 पर छापा मारा। फैक्टरी में बीपी और शुगर सहित कई तरह की नकली दवाएं मिलीं। फैक्टरी से टेल्मा एम, क्लेव की पैकिंग बरामद की गई। पुलिस के अनुसार टेल्मा कंपनी कई प्रकार के टैबलेट बनाती है, जिन्हें गंभीर बीमारियों में इस्तेमाल किया जाता है।