मोहाली। जगतपुरा में कचरे के अंबार और कचरा प्रोसेसिंग प्लांट के खिलाफ फेज-11 के निवासियों का गुस्सा फूट पड़ा है। फेज-11 के नेबरहुड पार्क में एक बड़ी रैली कर लोगों ने राज्य सरकार और प्रशासन को अल्टीमेटम दिया कि यदि जल्द समाधान नहीं किया गया तो सीधा संघर्ष शुरू किया जाएगा। रैली में फेज-11 सहित आसपास के हजारों लोगों ने भाग लिया और पंजाब सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। इस आंदोलन की अगुवाई नगर निगम के पार्षद कुलवंत सिंह कलेर ने की और 21 सदस्यीय संघर्ष कमेटी का गठन किया गया।
एक महीने से जहरीली बदबू झेल रहे लोग
निवासियों का कहना है कि एक महीने से कचरे की बदबू से लोगों का जीना मुहाल हो गया है। इस संबंध में वे पहले ही हलका विधायक कुलवंत सिंह, सांसद मलविंदर सिंह कंग, मेयर अमरजीत सिंह जीती सिद्धू, डिप्टी कमिश्नर, नगर निगम कमिश्नर, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और एयरपोर्ट अथॉरिटी को ज्ञापन दे चुके हैं। यह कचरा प्रोसेसिंग प्लांट एयरस्ट्रिप से महज दो किलोमीटर की दूरी पर है। इससे पक्षियों की आवाजाही के कारण हवाई जहाजों को खतरा पैदा हो सकता है। बावजूद इसके सरकार और प्रशासन ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।
सरकार के पास इच्छाशक्ति नहीं
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सरकार और उसके अफसरों का रवैया बेहद निराशाजनक है। इससे लगता है कि उनके पास न तो इस समस्या का कोई विजन है, न ही इसे सुलझाने की इच्छाशक्ति। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्लांट को यहां से तुरंत शिफ्ट नहीं किया गया तो पूरे मोहाली के निवासी व्यापक संघर्ष छेड़ेंगे। निवासियों ने अफसोस जताया कि जहां चंडीगढ़ स्वच्छता रैंकिंग में देशभर में दूसरे स्थान पर है, वहीं मोहाली 128वें स्थान पर है। इतना ही नहीं, वह पंजाब के पहले 10 स्वच्छ शहरों में भी शामिल नहीं है। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि वे निजी मतभेदों में उलझे हैं। उन्होंने मांग की कि सभी राजनीतिक दल और प्रशासन मिलकर इस गंभीर समस्या का स्थायी हल निकालें। इस विरोध प्रदर्शन में पार्षद कुलवंत सिंह कलेर, जसबीर सिंह आदि मौजूद रहे।