मोहाली। फेज-4 के एचएम मकानों के पास सिर्फ 180 फीट सड़क निर्माण के मामले में वीरवार दोपहर करीब तीन घंटे तक जमकर हंगामा हुआ। बारिश के पानी की निकासी और जर्जर सड़क की समस्या को लेकर जहां महिलाएं और स्थानीय निवासी आपस में सहमत नहीं हो पा रहे थे, वहीं दो महिला पार्षदों के बीच भी जमकर बहस हुई। मामले में पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। इसके बाद पुलिस और नगर निगम के अधिकारियों ने दिए आश्वास के बाद सड़क का काम शुरू किया। फेज-4 में शापिंग स्ट्रीट पर कई दिनों से सड़क को खोदकर नई लाइन डाली जानी थी। इसके बाद नई सड़क का निर्माण होना था। क्षेत्र में बारिश के पानी की निकासी की समस्या का समाधान नहीं होने पर क्षेत्र के लोग सड़क नहीं बनाने दे रहे थे। इस कारण यहां रोज हादसे हो रहे थे। यही समस्या सड़क निर्माण में सबसे बड़ी बाधा बन रही थी। यह मामला विधायक कुलवंत सिंह के ध्यान में भी लाया गया था। इसके बाद उन्होंने तुरंत नगर निगम कमिश्नर को सड़क बनाने का निर्देश दिया। इसके बाद वीरवार को दोपहर करीब 12 बजे नगर निगम की टीम सड़क बनाने वाले ठेकेदार और पुलिस टीम के साथ वहां पहुंची। टीम के पहुंचने के बाद फेज-4 की पार्षद रूपिंदर कौर रीना और एनएस कलसी ने मिलकर काम में रुकावट डालने की कोशिश की। यह बवाल करीब तीन घंटे तक चला। पार्षद रूपिंदर कौर रीना और एचएम मकानों के निवासियों का कहना था कि जब तक बारिश के पानी की समस्या का हल नहीं होता, तब तक सड़क बनाना बेकार है। निवासियों ने काम शुरू नहीं होने दिया और मांग की कि पहले नई पाइपलाइन डाले जाने का पूरा प्लान बताया जाए। करीब तीन घंटे की खींचतान के बाद फेज-1 के एसएचओ और नगर निगम के एक्सईएन कमलदीप सिंह ने आश्वासन दिया कि सड़क बनाने से पहले पानी की पाइप लाइन डाली जाएगी और निकासी की समस्या का हल प्राथमिकता पर किया जाएगा। इसके बाद पुलिस की निगरानी में सड़क निर्माण का काम दोबारा शुरू करवाया गया।
फेज-5 की पार्षद बोलीं कार्य में बाधा डालने पर हो कार्रवाई
मौके पर पहुंचीं फेज-5 की पार्षद बलजीत कौर ने कहा कि सड़क निर्माण जरूरी है। इसे रोकना सही नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकारी काम में बिना कारण रुकावट डालने वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए, क्योंकि सड़क न बनने से जनता ही परेशान हो रही है। हंगामे के दौरान यह भी साफ दिखाई दिया कि इलाका निवासी भी एक राय नहीं थे। कुछ लोग पहले सड़क निर्माण चाहते थे, जबकि कुछ लगातार होने वाले जलभराव के कारण पहले पाइपलाइन और ड्रेनेज समस्या का हल चाहते थे।