मोहाली। जिले में आवारा कुत्तों की संख्या कम नहीं होने से शहर के लोग परेशान हैं। मोहाली में तीन सब डिवीजन मोहाली, खरड़ और डेराबस्सी में डॉग शेल्टर होम नहीं है। मोहाली शहर में नगर निगम ने अपने गोदाम में एक कमरा बनाया हुआ है। वहां पर सिर्फ नसबंदी करके फिर से कुत्तों को खुले में छोड़ दिया जाता है। सबसे ज्यादा परेशानी खरड़, जीरकपुर, कुराली, डेराबस्सी और लालड़ू में आ रही है। यहां पर तो कई जगह डाग कैचर तक नहीं हैं। खरड़ में आवारा कुत्तों की समस्या काफी गंभीर बनी हुई है। बार-बार कहने के बावजूद नगर परिषद चुप्पी साधे बैठी है। यही हालात जीरकपुर समेत जिले के अन्य जगह भी बने हुए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार निर्देश दिया है कि आवारा कुत्तों को उठाएं और नसबंदी करके उन्हें स्थायी डॉग शेल्टर होम में रखें। शीर्ष अदालत ने यह भी कहा है कि कुत्ते सड़कों पर वापस नहीं आने चाहिए। अब सबसे बड़ा सवाल यह खड़ा होता है कि जिला प्रशासन सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन कर पाएगा या नहीं। पता चला है कि सुप्रीम कोर्ट ने डॉग बाइट और रेबिज की बढ़ती घटनाओं पर चिंता प्रकट कर अधिकारियों को इस काम को तय समय सीमा में पूरा करने के भी निर्देश दिए हैं।