मोहाली। 34 साल पुराने बहुचर्चित अपहरण के मामले में सीबीआई अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। विशेष अदालत के स्पेशल जज दिनेश कुमार वधवा ने तत्कालीन एसएचओ सदर बठिंडा के इंस्पेक्टर गुरजीत सिंह को दोषी करार देकर पांच वर्ष की सजा और एक लाख रुपये जुर्माना लगाया है। अदालत ने धारा 365 के तहत पांच साल की कैद और 75 हजार रुपये जुर्माना और धारा 120-बी के तहत तीन साल की कैद व 25 हजार रुपये जुर्माने का आदेश दिया।
जुर्माना अदा न करने पर छह माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। इस मामले में तीन अन्य पुलिसकर्मियों को पहले ही तीन-तीन साल की सजा सुनाई जा चुकी है। मामले के अनुसार 7 मार्च 1992 को मोहाली के फेज-4 निवासी अवतार सिंह को कथित तौर पर सिविल कपड़ों में आए पुलिसकर्मियों ने पूछताछ के बहाने घर से उठा लिया था। आरोप है कि बिना नंबर प्लेट की सफेद जिप्सी में आए पुलिसकर्मी उसे साथ ले गए, इसके बाद उसका कोई सुराग नहीं मिला।
मामला बाद में सीबीआई को सौंपा गया। सुनवाई के दौरान 35 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। जांच में सामने आया कि आरोपी पुलिसकर्मी सादी वर्दी में सुबह करीब छह बजे घर पहुंचे थे। सिपाही सुखवंत सिंह, सिपाही कंवलजीत सिंह और पंजाब होमगार्ड के जवान अनिल कुमार को पूर्व में ही दोषी ठहराया जा चुका है। मुख्य आरोपी गुरजीत सिंह सुनवाई के दौरान भाग गया था। करीब 17 वर्ष तक गिरफ्त से बाहर रहा। उसे वर्ष 2025 में सीबीआई ने गिरफ्तार किया। अदालत ने माना कि शिकायतकर्ता इंदरजीत कौर और उनके परिवार को इस घटना से जीवनभर का आघात झेलना पड़ा।