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Mohali News: कच्चे कर्मचारियों की हड़ताल जारी, सफाई व्यवस्था चरमराई, जगह-जगह लगे कचरे के ढेर

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जीरकपुर। नगर परिषद के कच्चे कर्मचारियों की हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रहने से शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। शहर के बलटाना, ढकोली, वीआईपी रोड, सिंहपुरा, पटियाला रोड और कई रिहायशी इलाकों में जगह-जगह कूड़े के ढेर लग गए हैं। सड़कों के किनारे जमा कचरे से बदबू फैलने लगी है। इससे स्थानीय लोगों में संक्रमण और बीमारियों को लेकर चिंता बढ़ गई है। नगर परिषद के अधीन कार्यरत कच्चे कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं।
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कर्मचारियों का कहना है कि सरकार ने उन्हें पक्का करने का वादा किया था, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। हड़ताल के चलते शहर में डोर-टू-डोर कूड़े का उठान बंद हो गया है। सफाई कर्मचारियों की अनुपस्थिति में कई वार्डों में नालियों की सफाई भी नहीं हो पा रही। सबसे ज्यादा परेशानी बाजारों और रिहायशी कॉलोनियों में देखने को मिल रही है। कई स्थानों पर लोगों ने घरों का कचरा खाली प्लॉटों और सड़क किनारे डालना शुरू कर दिया है। बढ़ती गर्मी के बीच कचरे से उठ रही दुर्गंध ने लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल कर दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो हालात और बिगड़ सकते हैं। नगर परिषद कार्यालय का कामकाज भी प्रभावित बताया जा रहा है। दफ्तरों में पानी उपलब्ध करवाने वाले कर्मचारी और सरकारी वाहनों के ड्राइवर भी हड़ताल में शामिल हैं। इससे प्रशासनिक कार्यों की रफ्तार धीमी पड़ गई है। कर्मचारी यूनियन के प्रधान प्रदीप सूद ने चेतावनी देकर कहा है कि जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, हड़ताल जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि सरकार और प्रशासन को जल्द बातचीत कर समाधान निकालना चाहिए, ताकि शहरवासियों को परेशानी का सामना न करना पड़े।






दो दिन से मोहल्ले से कूड़े का उठान नहीं हुआ है। जगह-जगह गंदगी फैली हुई है। अभी तो दो दिन का ही कचरा इकट्ठा हुआ है। अगर यह स्थिति लंबे समय तक बनी रही तो यहां लोगों का रहना मुश्किल हो जाएगा। मच्छरों की संख्या बढ़ने लगेगी। -कंवरपाल सिंह
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अस्थायी कर्मचारियों की हड़ताल से आम जनता परेशान हो रही है। शासन-प्रशासन आंखें बंद किए बैठा है। रास्ते के किनारे कचरे का ढेर लगा हुआ है, जो कि दो दिन से नहीं उठा है। सुबह-शाम गुजरते वक्त लोगों को बदबू का सामना करना पड़ता है। प्रशासन को तुरंत कोई समाधान निकालना चाहिए। -सोनाली, निवासी ढकोली




वीआईपी रोड पर बहुत बड़ा मार्केट है। इस रोड पर फास्टफूड के सैकड़ों की संख्या में स्टॉल हैं। रोजाना सैकड़ों की संख्या में लोग यहां आते हैं। लेकिन दो दिन से कोई कचरा उठाने के लिए नहीं आ रहा है। अब लोग खुद कचरे को लेकर कहां जाएं। बाहर कचरा जमा होने से ग्राहकों पर भी गलत असर पड़ रहा है। सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप हो चुकी है। -गुरविंदर सिंह




पिछले दो दिन से बारिश का मौसम हो रहा है। अगर समय से सफाई व्यवस्था बहाल नहीं की गई तो बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ जाएगा। गंदगी होने से मच्छरों की संख्या बढ़ जाएगी, जो किसी भी व्यक्ति में बीमारी का ढंक मार सकते हैं। नगर परिषद अधिकारियों और विधायक को इस पर संज्ञान लेना चाहिए और सफाई व्यवस्था को शुरू कराना चाहिए। - बिजेंदर सिंह




अभी मैं बाहर हूं। विधानसभा क्षेेत्र में आने के बाद हड़ताल पर बैठे अस्थायी कर्मचारियों से बातचीत कर इनकी समस्या का समाधान निकाला जाएगा। -कुलजीत सिंह रंधावा, विधायक, हलका डेराबस्सी।

कर्मचारियों की प्रमुख मांगें
यूनियन अध्यक्ष प्रदीप सूद ने वीरवार को हड़ताल के दौरान कहा कि ठेकेदारी प्रथा को तुरंत बंद किया जाए, कच्चे कर्मचारियों को पक्का किया जाए तथा न्यूनतम वेतन 26 हजार रुपये निर्धारित किया जाए। उन्होंने कहा कि यदि सरकार इन मांगों को मान लेती है तो हड़ताल तुरंत समाप्त कर दी जाएगी, अन्यथा आंदोलन और तेज किया जाएगा। हड़ताल के कारण शहर में सफाई व्यवस्था और सीवरेज से जुड़े कार्य प्रभावित हो रहे हैं। यूनियन नेताओं ने शहरवासियों से सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि 10 हजार रुपये की नौकरी में परिवार का पालन-पोषण करना बेहद मुश्किल हो गया है, इसलिए यह संघर्ष कर्मचारियों के भविष्य के लिए जरूरी है। अगर हमारी जल्द सुनवाई नहीं होती है तो सभी कर्मचारी अंबाल-चंडीगढ़ हाइवे को जाम कर रोष प्रदर्शन करेंगे।
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