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Mohali News: तीन शिक्षकों के भरोसे स्कूल, पढ़ाई-देखभाल प्रभावित

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मोहाली। सुबह करीब साढ़े नौ बजे शहर के पॉश इलाके 3बी2 के एक सरकारी प्राथमिक स्कूल में प्रार्थना समाप्त होते ही बच्चे कक्षाओं में पहुंचते हैं। कुछ ही देर में एक ही कमरे में अलग-अलग कक्षाओं के छात्र बैठ जाते हैं और एक शिक्षक एक साथ दो से तीन कक्षाओं को संभालते नजर आते हैं।
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पढ़ाई के दौरान ही किसी छोटे बच्चे को शौचालय जाने की जरूरत पड़ती है तो शिक्षक को कक्षा छोड़कर उसके साथ जाना पड़ता है। इस दौरान बाकी बच्चे बिना निगरानी के रह जाते हैं। यह हालात किसी एक स्कूल के नहीं, बल्कि जिले के कई प्राथमिक विद्यालयों की तस्वीर बयां करते हैं।
मोहाली के कई प्राथमिक स्कूल आज भी महज 3-4 शिक्षकों के सहारे संचालित हो रहे हैं। इन स्कूलों में न तो कोई सहायक स्टाफ (मेड) उपलब्ध है और न ही छोटे बच्चों की देखभाल के लिए अलग व्यवस्था। नन्हे बच्चों की साफ-सफाई, देखभाल और अन्य दैनिक जरूरतों का जिम्मा भी शिक्षकों पर ही है, जिससे पढ़ाई का समय और गुणवत्ता प्रभावित हो रही है।
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शिक्षकों का कहना है कि एक साथ कई कक्षाओं को पढ़ाना और छोटे बच्चों की देखभाल करना बेहद चुनौतीपूर्ण है। इससे न केवल शिक्षा स्तर प्रभावित हो रहा है, बल्कि बच्चों के समग्र विकास पर भी असर पड़ रहा है। पॉश इलाके 3बी2 स्थित प्राथमिक स्कूल की प्रिंसिपल कमलजीत कौर ने बताया कि छोटे बच्चों को विशेष देखभाल की जरूरत होती है, लेकिन सीमित स्टाफ के कारण शिक्षकों पर दोहरी जिम्मेदारी आ जाती है।
खेल शिक्षक की कमी के कारण बच्चों को खेल गतिविधियों का लाभ नहीं मिल पा रहा। अभिभावकों ने भी इस स्थिति पर चिंता जताई है। जिला शिक्षा अधिकारी (एलीमेंट्री) दर्शनजीत सिंह ने कहा कि प्राथमिक स्कूलों में स्टाफ की कमी को दूर करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। जल्द ही सहायक स्टाफ और खेल शिक्षकों की नियुक्ति पर भी काम किया जाएगा, ताकि बच्चों को बेहतर शैक्षणिक माहौल मिल सके।
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