मोहाली। सोहाना थाने के अंतर्गत हुई एक लाख की लूट को सीआईए स्टाफ ने 48 घंटे में ही सुलझा दिया है। लूट को कंपनी के ड्राइवर ने अपने दोस्त के साथ अंजाम दिया था। दोनों आरोपियों गुरप्रीत सिंह निवासी जवाहरपुर व मनिंदर सिंह उर्फ गभरू निवासी डेराबस्सी को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी गुरप्रीत सिंह का कहना है कि अपने खर्चे पूरे करने के लिए उसने लूट की साजिश रची थी।
एसएसपी ने बताया कि लूटकांड की जांच एसपी हरमनदीप सिंह हंस व डीएसपी गुरचरन सिंह की अगुवाई में हुई। टीम ने मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लिया। कड़ी से कड़ी जोड़कर पुलिस आरोपियों तक पहुंच गई। आरोपी गुरप्रीत सिंह ने बताया कि उसने एक साल पहले एक आई 20 कार खरीदी थी। वह घूमने फिरने का शौकीन था। लेकिन कंपनी में उसका वेतन कम होने से खर्चे पूरे नहीं हो पा रहे थे। इसी कारण उसने अपने दोस्त मनिंदर सिंह के साथ मिलकर लूट की साजिश रची। 17 फरवरी को गुरप्रीत गांव घटौर में सामान उतारने गया। योजना के तहत गुरप्रीत ने घटौर से आते समय फोन करके मनिंदर को दैड़ी के पास बुला लिया। उसने माल के भुगतान की रकम (एक लाख) उसे देकर वहां से भेज दिया। इसके बाद पेचकस व पाने से कार का शीशा तोड़ दिया। साथ ही रकम लूटने का बहाना बनाकर मालिक को फोन कर मौके पर बुला दिया और पुलिस को झूठी शिकायत दर्ज करवा दी।
ऐसे दर्ज करवाई थी झूठी शिकायत
गुरप्रीत सिंह ने पुलिस को बताया था कि वह 17 फरवरी को दोपहर एक बजे खरड़ कुराली रोड पर स्थित गांव घटौर में जीबी इंटरप्राइजेस में कंपनी की महिंद्रा पिकअप लेकर सामान उतारने गया था। कंपनी की तरफ से उसे सामान के लिए एक लाख रुपये का भुगतान किया गया। इसके बाद वह लांडरां बनूड़ से होकर डेराबस्सी जा रहा था। दोपहर पौने दो बजे जब वह दैड़ी पहुंचा तो एक स्विफ्ट कार में सवार तीन लोगों ने उसकी गाड़ी रुकवा ली। लोहे की रॉड मारकर उसकी गाड़ी का शीशा तोड़ दिया। उसकी महिंद्रा पिकअप के डैैशबोर्ड से एक लाख रुपये, उसका मोबाइल फोन व गाड़ी की चाबी लकर फरार हो गए।