लांडरां/बनूड़। बनूड़ क्षेत्र के आधा दर्जन से ज्यादा गांवों के लोगों का लिंक रोड पर चल रहे ओवरलोडेड टिपर रोकने के लिए धरना दसवें दिन भी जारी रहा। रामपुर कलां, अमलाला से गुजरने वाली घग्गर नदी में डीसिल्टिंग के नाम पर बड़े पैमाने पर गैर-कानूनी माइनिंग की जा रही है और रोजाना बड़े पैमाने पर लिंक रोड पर ओवरलोडेड टिपर की लाइनें नहीं टूट रही हैं। धूल, गंदगी और शोर ने लोगों की रात की नींद और दिन का चैन छीन लिया है।
कराला, कराली, कनौड़, राजोमाजरा, खानपुर खंदर गांवों की पंचायतों के सरपंचों समेत लखविंदर सिंह कराला, सरपंच पप्पी कराली, सरपंच बलजीत सिंह राजोमाजरा, धर्मवीर शैली खानपुर, रतन सिंह फौजी अमला, जसविंदर सिंह काका, हरजीत सिंह टोहरा आदि गांवों के निवासियों ने कहा कि वे गाद निकालने के नाम पर हो रही गैर-कानूनी माइनिंग को रोकने के लिए राजपुरा और डेरा बस्सी के विधायकों के साथ-साथ जिला प्रशासन से भी मिल चुके हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
गांवों के निवासियों द्वारा दिए जा रहे धरने में डेरा बस्सी हलके से कांग्रेस पार्टी के इंचार्ज दीपइंदर सिंह ढिल्लों और डेरा बस्सी हलके के अकाली दल के इंचार्ज एनके शर्मा भी धरने में पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को अपना समर्थन देने का ऐलान किया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि घग्गर नदी में हो रही माइनिंग की जांच होनी चाहिए और एनजीटी के आदेशों को लागू किया जाना चाहिए।
धरने पर बैठे गांवों के निवासियों ने राज्य सरकार और प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस मौके पर पूर्व सरपंच गुरदीप सिंह कराला, केहर सिंह पूर्व सरपंच, नंबरदार पाल सिंह, सुखदेव सिंह, रणजीत सिंह, दलजीत सिंह, बख्शीश सिंह, मेजर सिंह, जगतार सिंह, सफी मोहम्मद, लाडी कराली, जागीर सिंह हंसलां, बलजिंदर सिंह रामपुर, हैप्पी बनूड़, परमजीत सिंह, दविंदर सिंह वगैरह मौजूद थे।