मोहाली। फेज-तीन मोहाली के बड़े फेजों में से एक है। इसमें फेज-3बी1, 3बी2 और तीन-ए के क्षेत्र शामिल हैं। यहां की मार्केट की तुलना चंडीगढ़ के सेक्टर-17 से होती है। पॉलीवुड के कई गानों में इस मार्केट का जिक्र होता है, लेकिन इस इलाके के लोग कई सुविधाओं को तरस रहे हैं।
मार्केट में पार्किंग की समस्या काफी गंभीर है। रेहड़ी-फड़ी वाले मार्केट की सुंदरता पर ग्रहण लग रहे हैं। रिहायशी क्षेत्र के चंडीगढ़ की सीमा से सटा होने के चलते यहां झपटमारी जैसी वारदातें भी अधिक होती हैं। इसके अलावा पेड़ों की लंबाई तीन मंजिला मकानों सेे भी ऊंची हो गई है। इसकी वजह से अक्सर हादसा होने का डर बना रहता है। इन इलाकों में लावारिस पशुओं और कुत्तों की भी भरमार है। बाजार की पिछली तरफ के क्षेत्र में गंदगी के कारण सीवरेज ब्लॉक होना आम बात है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां सिटी बस सर्विस चलाई जानी चाहिए, ताकि लोगों को सफर में परेशानी न हो।
बढ़ाई जाए पुलिस की गश्त
फेज-3बी2 निवासी पूनम जैन का कहना है कि भले ही इलाके का गानों में जिक्र होता है, लेकिन यहां सुविधाओं का अभाव है। इसके अलावा शाम के समय मार्केट में हुड़दंग मचाने वाले युवा पहुंच जाते हैं, जो यहां का माहौल खराब करते हैं। कई बार तो खरीदारी करने आए लोगों को गाड़ियां खड़ी करने तक की जगह तक नहीं मिल पाती है। प्रशासन को इस दिशा में उचित कार्रवाई करनी चाहिए। इसके अलावा पुलिस को गश्त भी बढ़ानी चाहिए।
रात को निकलना मुश्किल
फेज-3बी2 निवासी अंशु के मुताबिक इलाके की मार्केट को सबसे खास माना जाता है। परंतु यहां पर भिखारियों की सबसे ज्यादा समस्या है। गाड़ी से बाहर निकलते ही ये लोग पीछे पड़ जाते हैं। इसके अलावा इसके अलावा फेज-3-पांच के लाइट प्वाइंट से पीसीएल की तरफ जाने वाली सड़क पर रात को सफर करना मुश्किल है। यहां पर शरारती किस्म के लोग सक्रिय रहते हैं। पुलिस को इन पर शिकंजा कसना चाहिए।
ऊंचे पेड़ बने परेशानी
फेज-3बी2 निवासी रिटायर्ड कमांडेंट वीके वैद ने बताया कि मकान नंबर 1430 के सामने वाले पार्क की हालत काफी खराब है। पार्क की उचित तरीके सफाई नहीं होती है। पेड़ों की छंटाई न होने की वजह से पेड़ तीन मंजिला मकानों से ऊंचे हो गए हैं। पेड़ों की वजह से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। इसके अलावा बाहरी राज्यों से पढ़ाई आदि के लिए आने वाले युवा पार्क में बैठे रहते हैं, जिससे भी लोगों को परेशानी आती है।
सुरक्षा गेट लगाने की जरूरत
फेज-3बी1 निवासी अश्वनी कुमार का कहना है कि उनका क्षेत्र बिल्कुल चंडीगढ़ से लगता है। इसलिए यहां पर सुरक्षा व्यवस्था काफी महत्वपूर्ण है। इस क्षेत्र में नगर निगम को सुरक्षा गेट लगाने चाहिए। रात के समय जो भी व्यक्ति आए उसका रिकॉर्ड दर्ज किया जाना चाहिए, ताकि आपराधिक वारदातों को रोका जा सके। इसके अलावा पुलिस को भी गश्त बढ़ाने की जरूरत है। सड़क किनारे लगे बालमखीरों को भी तय समय पर तुड़वाया जाना चाहिए।
सामुदायिक केंद्र बनवाएं
फेज-3बी2 निवासी अकविदंर सिंह गोसल के मुताबिक इलाके में इस समय सामुदायिक केंद्र की काफी जरूरत है। इलाके के लोगों को इस वजह से काफी परेशानी उठानी पड़ती है। भले ही इस काम के लिए फंड मंजूर हो चुके हैं, लेकिन फिर भी इस दिशा में उचित तरीके से काम होना चाहिए। सेहत सुविधाओं में भी सुधार की जरूरत है। इसके अलावा इलाके में एक सिटी बस सर्विस भी मुहैया करवाई जानी चाहिए।
पुलिस मुलाजिम तैनात किए जाएं
फेज-3ए निवासी एडवोकेट दमनजीत सिंह धालीवाल ने बताया कि रिहायशी क्षेत्र में भी पार्किंग की गंभीर समस्या है। इसके अलावा चंडीगढ़ का स्लम एरिया भी साथ लगता है। इस वजह से इलाके में स्नैचिंग आदि की वारदातें अधिक होती हैं। इसके अलावा पार्कों या सार्वजनिक स्थानों पर सुबह, शाम और दोपहर के समय पुलिस मुलाजिम तैनात किए जाएं या बकायदा बीट बॉक्स बनाए जाएं।