जगतपुरा में गंदे नाले पर बने करीब 46 साल पुराने पुल के पिलर टूटने के बाद पीडब्ल्यूडी विभाग हरकत में आया गया है। लंबे समय से गांव वाले पुल की मरम्मत की मांग कर रहे थे, परंतु कोई सुनवाई नहीं हुई।
पुल के पिलर टूटते ही विभाग ने नए पुल के निर्माण का एस्टिमेट तैयार कर सरकार को भेज दिया है। साथ ही नाले पर एक अस्थाई रास्ता भी तैयार किया जा रहा है।
विभागीय अधिकारी बुधवार दोपहर मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। जायजा लेने के बाद एक्सईएन एनएस वालिया ने बताया नए पुल के निर्माण के लिए साढ़े तीन करोड़ का एस्टिमेट बनाकर सरकार को भेज दिया गया है।
मंजूरी आते ही काम शुरू कर दिया जाएगा। नए पुल के निर्माण में कम से कम एक साल लगेगा। तैयार किए गए प्रस्ताव के मुताबिक नया पुल साढ़े दस मीटर चौड़ा बनाया जाएगा।
उसके पिलर की नींव भी कई फीट गहरी होगी। नए पुल के लिए टोपोग्राफी सर्वे भी बुधवार को शुरू कर दिया गया। इस दौरान लोगों की परेशानी जारी रही।
रोजाना इस रास्ते से होकर जाने वाले 20-25 गांवों के लोगों को कंबाली या कंबाला होकर जाना पड़ रहा है। इसमें उन्हें दस किलोमीटर ज्यादा सफर तय करना पड़ रहा है। जगतपुरा गांव के लोगों को भी काफी परेशानी उठानी पड़ रही है।
जान जोखिम में डाल रहे स्कूली बच्चे
पुल टूटने से सबसे ज्यादा परेशानी रोजाना स्कूल जाने वाले जगतपुरा के बच्चों को आ रही है।
स्कूली बच्चों को नाले के बीच में से पुल के साथ-साथ रास्ता तय करके इधर से उधर जाना पड़ रहा है। जो बहुत खतरनाक है, क्योंकि पुल के पांच पिलर टूट कर लटके हुए हैं। कभी भी कोई हादसा हो सकता है।
आज तैयार होगा अस्थाई रास्ता
पीडब्ल्यूडी विभाग ने लोगों को राहत देने के लिए नाले पर अस्थाई रास्ता बनाने का काम बुधवार को शुरू कर दिया।
वीरवार तक अस्थाई रास्ता बनने की उम्मीद है। इसमें नाले के बीच में पाइप डालने के बाद उसके ऊपर मिट्टी डालकर अस्थाई रास्ता बनाया जाएगा।
इस पर पैदल लोग आ-जा सकेंगे। पीडब्ल्यूडी अधिकारियों ने कहा कि वीरवार सुबह तक रास्ता तैयार हो जाएगा, इसके बाद गांव के लोगों को दिक्कत नहीं आएगी।
पुल पर बनाई सुरक्षा दीवार
जगतपुरा के पुराने पुल के दोनों तरफ सुरक्षा दीवार बना दी गई है।
साथ ही दोनों तरफ पुलिसकर्मी भी तैनात किए गए हैं, जो रात-दिन ड्यूटी देंगे। मंगलवार रात दीवार छोटी थी, तो कई लोग उसे फांद कर पुल पर चले गए।
इसके बाद बुधवार को दीवार को और ऊंचा करके उसके आगे ईंटों का घेरा भी बना दिया गया है। ताकि कोई भी रात को जाने-अनजाने इस तरफ से न जाए।
दूषित पानी ने पहुंचाया पुल को नुकसान
मौके का जायजा लेने के बाद पीडब्ल्यूडी अधिकारियों ने कहा कि पुल 46 साल पुराना था।
आमतौर पर पुल की मियाद पचास साल होती है। परंतु ओवरलोडेड टिप्पर, भारी वाहनों नेे जहां पिलर पर दबाव डाला।
वहीं, नाले में से गुजरने वाले केमिकल युक्त पानी ने भी नुकसान पहुंचाया। केमिकल के चलते पिलर का मैटीरियल गल गया।
कई गांवों के फोन एवं इंटरनेट ठप
जगतपुरा में दाखिल होते समय जहां पुल शुरू होता है, वहां बीएसएनएल की तारें कट गई हैं।
जिससे जगतपुरा समेत कई गांवों के फोन और इंटरनेट सेवाएं ठप हो गई हैं।
तारें मंगलवार को कटीं, उसी दिन पुल के पिलर टूटने का पता चला।