जीरकपुर। पीरमुछल्ला क्षेत्र में पशुओं को पकड़ने गई नगर परिषद की टीम से अभद्र व्यवहार करने का मामला सामने आया है। लोगों की शिकायत मिलने के बाद कार्रवाई के लिए गई टीम को पशुओं को नहीं उठाने दिया गया। विरोध की वजह से हंगामा होने के कारण मौके पर भीड़ जमा हो गई। इसके बाद नगर परिषद की टीम और पशुओं को लेने गई ट्रैक्टर ट्राली को खाली हाथ लौटना पड़ा। टीम ने नगर परिषद के अधिकारियों को फोटो और वीडियो भेजकर मामले की विस्तृत जानकारी दी। सरकारी काम में बाधा डालने की शिकायत देकर पशु पालक के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की है।
पीरमुछल्ला क्षेत्र के लोगों ने नगर परिषद को दी शिकायत में कहा कि पशु पालक रतन सिंह दूध निकालने के बाद अपने पशुओं को सड़कों पर खुलेआम छोड़ देता है। संदीप सिंह पूनिया की अगुवाई में दी शिकायत में लोगों ने आरोप लगाया कि पालतू पशु पूरे इलाके में सारा दिन घूमते रहते हैं। सड़क के बीच में बैठ जाते हैं। रास्ता रुकने के कारण कई बार कार और बाइक चालक भी इन पशुओं के कारण घायल हो चुके हैं। इन पशुओं के कारण गली में बच्चे हर समय डर के माहौल में रहते हैं। पशु बच्चों पर हमला भी कर देते हैं। यह पशु सड़क पर और गलियों में गंदगी फैलाते रहते हैं। इससे कई प्रकार की बीमारियां होने का भी खतरा रहता है। मामले में पशु पालक रतन सिंह का कहना है कि पशुओं को सड़को पर नहीं छोड़ते हैं। उन पर लगाए आरोप निराधार हैं। दूध निकालने के बाद पशुओं को चराने ले जाते हैं। उनकी नगर परिषद की टीम के साथ भी कोई टकराव नहीं हुआ है।
सड़क पर घूमते पशुओं को पकड़ने गई टीम के साथ रतन सिंह ने अभद्र व्यवहार किया है। हम आज एक पत्र नगर परिषद जीरकपुर के कार्यकारी अधिकारी को लिख रहे हैं। रतन सिंह के खिलाफ पुलिस को शिकायत करके कानूनी कार्रवाई करने की मांग कर रहे हैं। - मनोज कुमार, सेनेटरी इंस्पेक्टर, नगर परिषद जीरकपुर।