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जो नेता युवाओं को भाएगा, वहीं विधानसभा पहुंच पाएगा

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मोहाली। वीआईपी जिले में इस बार होने जा रहे विधानसभा चुनाव में राजनीतिक पार्टियां कोई भी उम्मीदवार मैदान में उतारें, लेकिन विधानसभा में वहीं जाएगा जो युवाओं भाएगा। यह बात किसी नेता या अभिनेता ने नहीं कही, बल्कि मोहाली जिले के वोटरों की संख्या को देखकर इस बात का अंदाजा लगाया जा सकता हैै। जिले इस बार 3.36 लाख युवा वोटर हैं। यह सभी 18 से 40 साल के बीच में हैं। वहीं, निर्वाचन आयोग भी मतदान के लिए युवाओं को प्रेरित कर रहा है।
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जानकारी के मुताबिक मोहाली जिले में तीन विधानसभा हलके हैं। इनमें मोहाली, खरड़ और डेराबस्सी विधानसभा हलका शामिल हैं। जिले में कुल 7.76 लाख वोटर हैं। इनमें से 3.36 लाख वोटर 40 की उम्र से कम हैं। यह करीब 43 फीसदी हैं। जबकि 18 से 19 साल के बीच के युवा 9000 हैं। यह युवा पहली बार अपने मत का इस्तेमाल करेंगे। इसी तरह आयु वर्ग 20-29 में 1.33 लाख और 30 से 39 साल के आयु वर्ग में 2.14 लाख वोटर हैं। ऐसे में जिला प्रशासन भी वोटरों तक पहुंचने के लिए स्मार्ट तरीके अपना रहा है। कई मोबाइल एप से लेकर अन्य तरीके अपना रहे हैं।
मतदान में डेराबस्सी हलका रहता है आगे
जानकारी के मुताबिक विधानसभा चुनावों की बात करें तो डेराबस्सी हलका मतदान में हमेशा आगे रहता है। 2017 में डेराबस्सी हलके में सबसे ज्यादा मतदान हुआ था। वहां पर 76.06 फीसदी मतदान हुआ था। जबकि खरड़ 72.93 दूसरे और मोहाली में 66.39 फीसदी के साथ तीसरे स्थान पर रहा था। इसी तरह अगर साल 2012 की बात करें तो मोहाली में 70.62 फीसदी, खरड़ 78 फीसदी और डेराबस्सी में 79 फीसदी मतदान हुआ था। जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. ईशा कालिया के मुताबिक लोगों को मतदान के प्रति जागरूक किया जा रहा है। उम्मीद है कि इससे इलाके के लोगों का फायदा होगा।
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चुनाव करवाने में आता करोड़ों का खर्च
विधानसभा चुनाव करवाने में सरकार के करोड़ों रुपये खर्च होते हैं। इसमें पुलिस से लेकर सरकारी मुलाजिम काम करते हैं। इसके पीछे कोशिश यहीं रहती है कि अच्छे नेता चुनकर विधानसभा में पहुंचे। साथ ही लोगों की अच्छे तरीके से सुनवाई हो पाए। इस बार सरकार की तरफ से विधानसभा चुनाव करवाने के लिए पंजाब सरकार की तरफ से करीब 8 करोड़ रुपये जिला प्रशासन को अलॉट किए हैं। बजट पोलिंग बूथ, स्टेशनरी, पब्लिकेशन और अन्य चीजों और स्टाफ के लिए खर्च किया जाता है।
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