मोहाली। नौ दिसंबर को साल 2023 की चौथी और आखिरी राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है। इसमें राजीनामा होने योग्य फौजदारी केस, चेक बाउंस मामले, बैंक रिकवरी मामले, वैवाहिक विवाद, एमएसीटी मामले, श्रम विवाद, भूमि अधिग्रहण मामले, बिजली और पानी के बिल, राजस्व विभाग से संबंधित अन्य सिविल मामलों पर विचार किया जाएगा। लोक अदालत को सफल बनाने के लिए शहर में केंद्र और पंजाब सरकार के विभिन्न विभागों जैसे टेलीफोन विभाग, बैंक, बीमा कंपनियों, बिजली विभाग, जल आपूर्ति और स्वच्छता विभाग आदि के अधिकारियों के साथ बैठक की गई। राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से समझौता करने के लिए प्रेरित किया गया। इस राष्ट्रीय लोक अदालत में ऐसे मामले जो अभी तक किसी भी न्यायालय में दायर नहीं किए गए हैं और उपरोक्त श्रेणियों के अंतर्गत आते हैं, उन्हें लोक अदालत में भेजा जा सकता है। इस अवसर पर जिला कानूनी सेवाएं अथॉरिटी के सचिव बलजिंदर सिंह ने लोक अदालत के फायदों के बारे में जानकारी देते हुए सिटी ने बताया कि लोक अदालत में फैसले के बाद मुकदमों में लगी कोर्ट फीस वापस मिल जाती है। इन मुकदमों के फैसले के खिलाफ कोई अपील नहीं होती।