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Mohali News: जीरकपुर में बाढ़ जैसे हालात का मुद्दा विधानसभा में उठा

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जीरकपुर। बरसात के मौसम में जब भी लगातार बारिश होती है, जीरकपुर में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो जाती है। हलका डेराबस्सी से विधायक कुलजीत सिंह रंधावा ने सोमवार को विधानसभा में इस समस्या पर चिंता व्यक्त की। विधायक रंधावा ने कहा कि सुखना झील, पंचकूला और पहाड़ों से आने वाले बेहिसाब पानी के कारण नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ जाता है। इससे शहरवासियों में भय का माहौल बन जाता है। घग्गर का बढ़ता जलस्तर क्षेत्र निवासियों के लिए सबसे बड़ा चिंता का विषय बन जाता है। उन्होंने कहा कि हिमाचल से आने वाला पंजाब का पहला शहर जीरकपुर बरसात के पानी की चपेट में सबसे पहले आता है। दो साल पहले आई बाढ़ के कारण मुख्य सड़कों और कॉलोनियों के घरों में 3-4 फीट तक पानी भर जाने से लोगों को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ था। रंधावा ने कहा कि बेशक, भारी बारिश एक प्राकृतिक आपदा है, लेकिन इस आपदा में फंसे शहरवासियों को सुरक्षित वातावरण प्रदान करना उनका प्राथमिक कर्तव्य है। संबंधित विभाग के मंत्री से उन्होंने कहा कि हालांकि पिछली बाढ़ के दौरान सरकार ने क्षेत्र में पत्थर के तटबंध भी बनवाए थे, लेकिन इस बार फिर चंडीगढ़, सुखना, पंचकूला, हिमाचल प्रदेश से आने वाले भारी बारिश के पानी के कारण जीरकपुर क्षेत्र जलमग्न होने की कगार पर है। इसलिए इस ओर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है, जिस पर संबंधित विभाग ने इस समस्या के शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया है।
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दो वर्ष पूर्व बाढ़ से प्रभावित होने वाले क्षेत्र
वर्ष 2023 में जब क्षेत्र में बाढ़ आई थी तो उसे समय सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाले क्षेत्रों में पीरमुच्छला की बहुत सी सोसाइटियां थी। उस समय घग्गर का जलस्तर बढ़ने के कारण बारिश का पानी घग्गर में जाने की जगह वापस आने लगा था। पीरमुच्छला क्षेत्र को भी अपनी चपेट में ले लिया था। उस समय पानी में करंट आने से एक व्यक्ति की मृत्यु भी हो गई थी। इसके अलावा पानी की निकासी न होने के कारण शिवालिक विहार में भी करीब चार-चार फीट पानी लोगों के घरों में भर गया था।
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