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Mohali News: मोहाली में कूड़े की समस्या बनी प्रशासन के लिए सिरदर्द, नगर निगम की कार्यशैली पर उठ रहे सवाल

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मोहाली। वीआईपी शहर में कूड़े की समस्या दिन-ब-दिन विकराल रूप लेती जा रही है। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट की ओर से इंडस्ट्रियल एरिया फेज-8बी में कूड़ा फेंकने पर रोक लगाए जाने के करीब एक साल बाद भी नगर निगम को कोई स्थायी डंपिंग साइट नहीं मिल पाई है।
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इसका नतीजा यह है शहर में बने नगर निगम के आरएमसी पॉइंट्स कूड़े के ढेर बनते जा रहे हैं। इससे न सिर्फ गंदगी फैल रही है बल्कि दुर्गंध और मच्छरों से नागरिकों का जीना मुहाल हो गया है। दूसरी और शहर भर में कचरे के ढेर लगने और तत्काल कोई समाधान न दिखने के कारण, नगर निगम के भीतर राजनीतिक तनाव बढ़ गया है।
त्योहार सीजन में शहर में बने 14 जगह पर आरएमसी पॉइंट्स बिना संसाधित कचरे से भरे पड़े हैं। इससे सफाई कर्मचारियों को रिहायशी और बाजारी इलाकों में कचरे के ढेर यूं ही छोड़ने पड़ रहे हैं। फेज-3ए में तो मोहाली के प्रवेश द्वार पर आरएमसी पॉइंट्स के बाहर तक कूड़ा का पहाड़ बन रहा है जिससे रास्ता भी बंद हो चुका है। सेक्टर-57 में भी यही हाल है। यहां पर कूड़े का ढेर बाहर तक फैल रहा है।
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मेयर अमरजीत सिंह सिद्धू जिन्होंने पहले 30 सितंबर तक नई डंपिंग साइट तय न होने पर आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी थी लेकिन उसका भी अब तक कोई असर नहीं दिख रहा है।


फेज-3ए में आरएमसी पॉइंट्स को उठाने की मांग
नगर निगम के वार्ड नंबर-1 की पार्षद जसप्रीत कौर ने बताया कि फेज-3ए में बने आरएमसी पॉइंट्स में बाहर तक कूड़ा फैल चुका है। इसे नगर निगम उठा नहीं रहा है। जिस जगह यह पॉइंट्स है वह वीआईपी सिटी मोहाली का प्रवेश द्वार है। वहां त्योहारों के सीजन में कूड़े का ढेर लोगों का स्वागत कर रहा है। उन्होंने बताया कि पॉइंट्स के सामने से जो सड़क गुजरती है वह मुख्य सड़कों में से एक है जहां पर रोजाना वीआईपी मूवमेंट हर समय रहती है। बावजूद उसके नगर निगम को कूड़े का पहाड़ नहीं दिख रहा है। फेज-2 निवासी अवतार सिंह और डॉ. भोला सिंह ने कहा कि अगर इस समस्या का समाधान न हुआ तो उनको मजबूरन लोगों को साथ लेकर संघर्ष का रास्ता अपनाना पड़ेगा।


स्वच्छता सर्वेक्षण में पिछड़ता जा रहा मोहाली
एक समय था जब मोहाली स्वच्छता सर्वेक्षण में पंजाब के अग्रणी शहरों में गिना जाता था लेकिन अब स्थिति उलट हो गई है। लगातार बिगड़ती सफाई व्यवस्था और कूड़ा निस्तारण की समस्या के कारण शहर का रैंकिंग में नीचे गिरना तय माना जा रहा है।


प्रतिदिन अनुमानित 100 से 150 टन कचरा उत्पन्न
मोहाली में रोज अनुमानित 100 से 150 टन कचरा उत्पन्न होता है। इसमें बलोंगी, जेएलपीएल, टीडीआई और गमाडा सेक्टर जैसे आसपास के इलाकों से लगभग 50 टन कचरा शामिल है। डंपिंग ग्राउंड उपलब्ध न होने के कारण, शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गई है।
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ठेकेदार को हिदायत दी : नगर निगम कमिश्नर
इस संबंधी संपर्क करने पर नगर निगम कमिश्नर परमिंदर पाल सिंह ने कहा कि आरएमसी पॉइंट्स से कूड़ा उठाने के लिए ठेकेदार को हिदायत दी गई है।
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